फर्जी निवेश के नाम पर चंडीगढ़ की महिला से 3.5 साल में 1.5 करोड़ की ठगी, ऐसे रहें सेफ

चंडीगढ़ की एक महिला इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर ठगों की चपेट में आ गई. 3.5 साल तक चले इस घोटाले में ठगों ने उच्च रिटर्न का लालच देकर विभिन्न शुल्कों के बहाने उसे 1.5 करोड़ रुपये गंवा दिए.

Investment Cyber Scam Image Credit: Canva/ Money9

चंडीगढ़ की एक महिला अंतरराष्ट्रीय निवेश के नाम पर साइबर ठगों का शिकार हो गई. भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा जारी एक वीडियो के अनुसार, यह घोटाला 3.5 साल तक चला, जिसमें पीड़िता को हाई रिटर्न का लालच देकर धोखा दिया गया. महिला ने विभिन्न शुल्कों के नाम पर कुल 1.5 करोड़ रुपये गंवा दिए, लेकिन कोई निवेश या रिटर्न नहीं मिला. यह मामला साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है, जहां ठग सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के जरिए लोगों को फंसाते हैं.

ठगी कैसे हुई?

ठगों ने महिला को अंतरराष्ट्रीय निवेश के अवसर का लालच दिया, दावा किया कि कम समय में भारी मुनाफा होगा. शुरुआत में छोटी रकम निवेश करने को कहा गया, फिर विभिन्न बहानों से अतिरिक्त पैसे मांगे गए. वीडियो में दिखाया गया है कि ठगों ने कस्टम्स फीस, बैंक वेरिफिकेशन और अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए. महिला ने विश्वास कर पैसे भेजे, लेकिन अंत में उनका अकाउंट फ्रीज होने का बहाना बनाकर और पैसे मांगे गए. 3.5 साल की अवधि में यह प्रक्रिया जारी रही और ठग गायब हो गए, जिससे महिला को कोई रिटर्न नहीं मिला. यह एक इन्वेस्टमेंट स्कैम है, जहां ठग फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स का इस्तेमाल करते हैं.

बचाव के तरीके

ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है. अनजान निवेश ऑफर्स पर कभी विश्वास न करें, खासकर अगर वे हाई रिटर्न का वादा करें. किसी भी निवेश से पहले SEBI या RBI से प्रमाणित प्लेटफॉर्म्स की जांच करें. फोन या मैसेज से आने वाले लिंक्स पर क्लिक न करें, और बैंक डिटेल्स शेयर न करें. सरकारी एजेंसी या बैंक फीस के नाम पर पैसे नहीं मांगती. परिवार या विशेषज्ञों से सलाह लें और साइबर जागरूकता अभियानों जैसे CyberDost के माध्यम से अपडेट रहें.

ठगी के बाद कहां करें शिकायत?

यदि आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत कार्रवाई करें. 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या http://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं. यह 24×7 उपलब्ध है और I4C द्वारा संचालित है. शिकायत में सभी डिटेल्स जैसे ट्रांजेक्शन आईडी, ठगों के कॉन्टैक्ट और स्क्रीनशॉट्स शामिल करें. जल्दी रिपोर्ट करने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ती है, और पुलिस जांच शुरू कर सकती है.