शेयर बाजार में हाई रिटर्न के नाम पर ₹5.6 करोड़ की ठगी, म्यूल अकाउंट से पैसे होते थे ट्रांसफर, ऐसे रहें सेफ

आपको ठगने के कितने तरीके साइबर ठगों ने ईजाद किए हैं, शायद इसका अंदाजा नहीं होगा. निवेश और हाई रिटर्न के नाम पर साइबर ठगी पुरानी हो चुकी, लेकिन म्यूल अकाउंट के जरिए नया ट्विस्ट आया. नोएडा में उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेरठ से साहेब सिंह और नीरज को पकड़ा, जिनके अकाउंट में 5.6 करोड़ ठगे गए.

cyber fraud Image Credit: Canva/ Money9

आपको ठगने के कितने तरीके साइबर ठगों ने ईजाद किए हैं, शायद इसका अंदाजा आपको नहीं होगा. निवेश और शानदार रिटर्न के नाम पर साइबर ठगी का मामला तो अब पुराना हो चुका है. आपने म्यूल अकाउंट के जरिए होने वाली ठगी के बारे में भी सुना होगा. अब एक नया केस सामने आया है, जिसमें इन दोनों तरीकों को मिलाकर ठगी की गई है. शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने नोएडा में दो ऐसे युवकों को पकड़ा है जो अपना अकाउंट भाड़े पर दिया करते थे. इस अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठग करते थे, जिसमें हाई रिटर्न के नाम पर होने वाली ठगी के पैसे ट्रांसफर किए जाते थे.

कैसे होती थी ठगी?

TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 30 अक्टूबर को साइबर ठग ने उनसे संपर्क साधा. इसके बाद उन्हें हाई रिटर्न देने के नाम पर शेयर बाजार में निवेश करने के लिए राजी किया. साइबर ठग ने अपने आप को शेयर बाजार एक्सपर्ट के रूप में पेश किया. इसके बाद महिला झांसे में आ गई, जिसके बाद पीड़िता ने 5.6 करोड़ रुपये निवेश किए.

दो लोगों की हुई गिरफ्तारी

साइबर क्राइम पुलिस ने मेरठ से साहेब सिंह और नीरज नाम के दो शख्स को हिरासत में लिया. इन पर आरोप है कि इनके अकाउंट में ही साइबर ठग ने ठगी के पैसे ट्रांसफर किए थे. डीसीपी Shavya Goyal ने बताया कि आरोपी ने कबूला है कि इन्होंने अपने अकाउंट को भाड़े पर दिया था, जिसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था.

हाई रिटर्न वाली ठगी से ऐसे रहें सेफ

शेयर बाजार में हाई रिटर्न का लालच देकर होने वाली ठगी से बचने के लिए निवेशकों को सतर्क रहना जरूरी है. किसी भी व्यक्ति या ग्रुप द्वारा गारंटीड रिटर्न का दावा, व्हाट्सऐप–टेलीग्राम पर फर्जी टिप्स, या संदिग्ध ऐप डाउनलोड कराने के प्रयास सीधे ठगी का संकेत हैं. हमेशा SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर या सलाहकार की ही सलाह मानें, KYC/OTP और स्क्रीन शेयर कभी न दें, और पहले पैसे जमा करो जैसी मांगों से दूरी बनाएं. कंपनी या योजना की जानकारी आधिकारिक साइट्स पर जांचें और संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत SEBI SCORES या साइबर पोर्टल पर शिकायत करें.