AI खतरे की बीच IT सेक्टर में आएगी नौकरियों की बहार, भारत में पैदा होंगी 1.35 लाख जॉब्स – नैसकॉम का दावा

हाल के महीनों में आईटी और सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनियों पर दोहरी मार पड़ी है. एक तरफ ग्लोबल लेवल पर मांग कमजोर रही, वहीं दूसरी तरफ एडवांस AI टूल्स के कारण पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर असर की आशंका बनी हुई है. फिर भी, देश की बड़ी आईटी कंपनियां जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और एचसीएल टेक ने संकेत दिए हैं कि FY27 में मांग में सुधार देखने को मिल सकता है.

AI impact on jobs Image Credit: Money9 Live

हाल के दिनों में IT सेक्टर को लेकर चर्चा काफी गरम है कि इस सेक्टर में नौकरियां चली जाएंगी. इसको लेकर ग्लोबल लेवल पर भी डर बना हुआ है. कहा जा रहा है कि एक बड़ी तादाद में व्हाइट कॉलर जॉब खत्म हो जाएगी, लेकिन अब भारत के आईटी सेक्टर पर एक रिपोर्ट आई है. इस रिपोर्ट के बाद थोड़ी राहत मिली है. आईटी इंडस्ट्री की शीर्ष संस्था नैसकॉम के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 (FY26) में भारत का टेक सेक्टर 6.1 फीसदी की दर से बढ़कर 315 अरब डॉलर के रेवेन्यू तक पहुंच सकता है. FY27 में भी यह स्तर लगभग बना रहने की उम्मीद है. रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से AI-बेस्ड सर्विस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार से आएगी.

FY26 में 1.35 लाख नई नौकरियां

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार का कहना है कि आईटी इंडस्ट्री अब भी “नेट जॉब जेनरेटर” बनी हुई है. उनके अनुसार, FY26 में टेक सेक्टर में 1.35 लाख नई नौकरियां जुड़ सकती हैं. इससे कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 59.5 लाख तक पहुंचने का अनुमान है. FY25 में कुल वर्कफोर्स 58 लाख रही थी, जो FY24 के 56.7 लाख के मुकाबले अधिक है. हालांकि, नांबियार ने यह भी माना कि कैंपस हायरिंग पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है.

AI और कमजोर मांग से दबाव

हाल के महीनों में आईटी और सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनियों पर दोहरी मार पड़ी है. एक तरफ ग्लोबल लेवल पर मांग कमजोर रही, वहीं दूसरी तरफ एडवांस AI टूल्स के कारण पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर असर की आशंका बनी हुई है. फिर भी, देश की बड़ी आईटी कंपनियां जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और एचसीएल टेक ने संकेत दिए हैं कि FY27 में मांग में सुधार देखने को मिल सकता है. मजबूत ऑर्डर बुक और डिस्क्रेशनरी खर्च में वापसी इसकी वजह मानी जा रही है.

आईटी शेयरों में गिरावट

आज, 24 फरवरी के कारोबार में भी आईटी सेक्टर दबाव में रहा और टेक इंडेक्स में इंट्राडे करीब 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. इसकी एक वजह प्रमुख AI कंपनी Anthropic द्वारा Claude Code में किए गए नए अपडेट्स को माना गया. इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने TCS और इंफोसिस समेत छह सॉफ्टवेयर कंपनियों की रेटिंग घटा दी. ब्रोकरेज का कहना है कि AI टूल्स के कारण बिजनेस मॉडल में बड़े स्ट्रक्चरल चेंज हो सकते हैं, जिससे सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है.

आगे क्या?

कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर फिलहाल चुनौतियों से घिरा जरूर है, लेकिन लंबी अवधि में AI आधारित सेवाएं और नए ग्लोबल प्रोजेक्ट्स इसके लिए ग्रोथ के नए दरवाजे खोल सकते हैं. नैसकॉम का अनुमान इस बात का संकेत देता है कि भारत का टेक सेक्टर अभी भी रोजगार और रेवेन्यू दोनों के लिहाज से मजबूत स्थिति में है.