अब ईमेल पढ़कर आपके अंदाज में जवाब देगा AI, Google Gemini के फीचर्स Gmail में डिफॉल्ट रूप से होंगे एक्टिव
ईमेल के इस्तेमाल का अनुभव जल्द ही बदलता नजर आ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पढ़ने, समझने और जवाब देने की प्रक्रिया और तेज व आसान हो सकती है. कुछ नए बदलाव यूजर्स के लिए अपने आप सक्रिय रहेंगे, जिससे सुविधा के साथ-साथ नियंत्रण को लेकर भी चर्चा बढ़ सकती है.
Gmail new AI features: ईमेल पढ़ना और उनका जवाब देना जल्द ही पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है. टेक दिग्गज Google ने Gmail के लिए Gemini AI पर आधारित कई नए फीचर्स की घोषणा की है. इन अपडेट्स के तहत अब लंबे-चौड़े ईमेल थ्रेड्स का ऑटोमैटिक सारांश मिलेगा और जवाब देने के लिए पहले से ज्यादा स्मार्ट सुझाव भी दिखाई देंगे. कंपनी ने साफ किया है कि ये फीचर्स चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किए जाएंगे और कुछ सुविधाएं डिफॉल्ट रूप से सभी यूजर्स के लिए चालू रहेंगी.
लंबे ईमेल थ्रेड्स का आसान सार
गूगल के मुताबिक, Gmail अब ऐसे ईमेल थ्रेड्स का संक्षिप्त सार तैयार कर सकेगा, जिनमें दर्जनों रिप्लाई होते हैं. यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए मददगार होगा, जिनका इनबॉक्स लंबे मेल्स से भरा रहता है और पूरी बातचीत पढ़ने में काफी समय लग जाता है.
कंपनी का कहना है कि यह अनुभव गूगल सर्च में दिखने वाले AI ओवरव्यू जैसा होगा, जहां यूजर को ऊपर ही जरूरी जानकारी का सार मिल जाता है. Gmail के 3 अरब से ज्यादा यूजर्स को देखते हुए, यह फीचर बड़े स्तर पर इस्तेमाल में आने की उम्मीद है.
जवाब देना होगा और स्मार्ट
ईमेल समरी के साथ-साथ गूगल अपने जवाब सुझाने वाले फीचर को भी अपग्रेड कर रहा है. नया फीचर “Suggested Replies” पुराने “Smart Replies” से एक कदम आगे है. अब यह सिर्फ एक मेल नहीं, बल्कि यूजर के पूरे इनबॉक्स के संदर्भ को समझकर जवाब सुझाएगा.
गूगल का दावा है कि इससे यूजर्स एक क्लिक में ज्यादा सटीक, संतुलित और बातचीत के मुताबिक जवाब भेज सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और टोन भी सही बनी रहेगी.
Gmail के भीतर प्रूफरीडिंग टूल्स को भी बेहतर बनाया जा रहा है. अब यह फीचर ग्रामर सुधारने के साथ-साथ मेल को ज्यादा साफ और संक्षिप्त तरीके से दोबारा लिखने में मदद करेगा. दरअसल, पिछले साल Gemini इंटीग्रेशन के बाद से ही Gmail में मेल ड्राफ्ट करना, पुराने मैसेज ढूंढना और कस्टम जवाब बनाना आसान हो गया था.
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डिफॉल्ट सेटिंग पर उठ सकते हैं सवाल
गौर करने वाली बात यह है कि कुछ Gemini फीचर्स यूजर्स के लिए अपने आप चालू रहेंगे. अगर कोई इन्हें इस्तेमाल नहीं करना चाहता, तो उसे मैन्युअली ऑप्ट-आउट करना होगा. ऐसे में यूजर कंट्रोल और प्राइवेसी को लेकर बहस छिड़ने की संभावना भी जताई जा रही है.
इस वक्त गूगल अपनी AI रणनीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रहा है. हाल ही में Alphabet ने कुछ समय के लिए Apple को मार्केट कैप में पीछे छोड़ दिया था. वहीं दूसरी ओर OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
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