India Republic Day 2026 Doodle: 77वें गणतंत्र दिवस पर Google ने खास डूडल से दिखाई भारत की आधुनिक पहचान
देश आज एक ऐसे राष्ट्रीय अवसर का साक्षी बन रहा है, जहां परंपरा और आधुनिकता साथ दिखाई देती हैं. राजधानी से लेकर डिजिटल दुनिया तक उत्सव की झलक साफ महसूस की जा सकती है. सांस्कृतिक विविधता, तकनीकी आत्मविश्वास और वैश्विक संदेश के बीच यह दिन भारत की आगे बढ़ती पहचान को दर्शाता है.
भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू हुआ था और इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हर साल यह पर्व पूरे देश में उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाता है. भारत के जश्न में शामिल होते हुए दुनिया की सबसे बड़ी सर्च कंपनी Google ने अपने होमपेज पर खास डूडल के जरिए भारत को सलाम किया है.
Google Doodle में दिखी भारत की आधुनिक पहचान
गूगल का यह विशेष डूडल भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों, तकनीकी विकास, आर्थिक प्रगति और क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल की भावना को सामने लाता है. डूडल में यह संदेश साफ झलकता है कि भारत केवल अपनी विरासत पर गर्व नहीं करता, बल्कि भविष्य की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है. यह डूडल देश के युवाओं, वैज्ञानिकों और खिलाड़ियों के योगदान का प्रतीक माना जा रहा है.
कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय समारोह
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया जा रहा है. परेड की शुरुआत सुबह 10:30 बजे होगी और यह करीब 90 मिनट तक चलेगी. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पहुंचने से होगी, जहां वे शहीद नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करके राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे. परंपरा के अनुसार, इस दिन ध्वजारोहण राष्ट्रपति के हाथों होता है क्योंकि गणतंत्र दिवस संविधान के लागू होने का उत्सव है.
गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष Antonio Costa और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen हैं. उनकी मौजूदगी भारत और यूरोप के मजबूत होते संबंधों का संकेत मानी जा रही है.
गणतंत्र दिवस 2026 की थीम
इस साल गणतंत्र दिवस की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है. परेड में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों की कुल 30 झांकियां शामिल हैं, जिनमें वंदे मातरम् के 150 वर्ष और आत्मनिर्भर भारत की यात्रा को रेखांकित किया गया है.
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परेड में त्रि-सेवा झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता से विजय’ के जरिए थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त ताकत को दिखाया जाएगा. समारोह का समापन 29 लड़ाकू और परिवहन विमानों के भव्य फ्लाईपास्ट के साथ होगा. परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली, संभालेंगे, जो दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी हैं.