फोन हुए महंगे, खरीददार हुए गायब, 6 साल में पहली बार स्मार्टफोन बाजार इतना कमजोर; देखें किस कंपनी का कितना दबदबा

भारत का स्मार्टफोन बाजार फिलहाल चुनौती भरे दौर से गुजर रहा है. बढ़ती कीमतें और कम होती मांग कंपनियों के लिए चिंता का विषय हैं. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां इस स्थिति से कैसे निपटती हैं और ग्राहकों को फिर से खरीदारी के लिए कैसे आकर्षित करती हैं.

स्मार्टफोन्स Image Credit: Canva

Smartphone sales: भारत में स्मार्टफोन हर घर की जरूरत बन चुका है, लेकिन 2026 की शुरुआत इस इंडस्ट्री के लिए अच्छी नहीं रही. लंबे समय बाद ऐसा हुआ है जब स्मार्टफोन बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई है. लोग अब पहले की तरह जल्दी-जल्दी फोन नहीं बदल रहे हैं. महंगाई बढ़ने, रोजमर्रा के खर्च बढ़ने और फोन की कीमतें ऊपर जाने से ग्राहक सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं. खासकर बजट सेगमेंट के खरीदार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जो इस बाजार की सबसे बड़ी ताकत माने जाते हैं. ऐसे में कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है.

6 साल में सबसे कमजोर शुरुआत

साल 2026 की पहली तिमाही में भारत के स्मार्टफोन बाजार में गिरावट दर्ज की गई है. साल-दर-साल के आधार पर शिपमेंट करीब 3 प्रतिशत कम हुआ है. यह गिरावट छोटी लग सकती है, लेकिन इसके पीछे बड़ी वजहें छिपी हैं. यह पिछले 6 सालों में सबसे कमजोर शुरुआत मानी जा रही है.

महंगे होते स्मार्टफोन, कम होती मांग

Counter Point Research की रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसके पीछे मेमोरी चिप जैसे NAND और DRAM की बढ़ती कीमतें और रुपये में उतार-चढ़ाव बड़ी वजह हैं. औसतन फोन की कीमत करीब 1500 रुपये तक बढ़ गई है. सबसे ज्यादा असर 15 हजार रुपये से कम वाले सेगमेंट पर पड़ा है. यही सेगमेंट भारत में सबसे ज्यादा बिक्री करता है.

ग्राहक क्यों नहीं खरीद रहे नए फोन

अब लोग अपने फोन को ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं. पहले जहां जल्दी-जल्दी फोन बदलते थे, अब ऐसा कम हो रहा है. इसके अलावा घरेलू खर्च भी बढ़ गए हैं. लोग जरूरी चीजों पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं और फोन खरीदने को टाल रहे हैं. साल 2026 की पहली तिमाही में वीवो 21 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहा. सैमसंग 17 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर रहा. ओप्पो 13.6 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है. शाओमी और रियलमी भी टॉप 5 में शामिल हैं. वहीं एप्पल की हिस्सेदारी थोड़ी कम होकर 9 प्रतिशत रह गई है.

प्रीमियम सेगमेंट में अलग ट्रेंड

जहां बजट और मिड-रेंज फोन की मांग घटी है, वहीं महंगे फोन का बाजार थोड़ा बेहतर रहा है. गूगल ने प्रीमियम सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ दिखाई है. लंदन की कंपनी Nothing सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड रही, जिसमें 47 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. आने वाले महीनों में भी बाजार पर दबाव बना रह सकता है. जून तिमाही में बिक्री और गिर सकती है. पूरे साल के लिए अनुमान है कि स्मार्टफोन बिक्री में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है.

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