बच्चों के लिए खतरनाक डिजाइन, Meta और Google पर लगा ₹6 मिलियन जुर्माना, जानें क्या है पूरा मामला

अमेरिका में एक अहम फैसले में Meta और Google को बच्चों के लिए खतरनाक प्लेटफॉर्म डिजाइन के मामले में जिम्मेदार ठहराया गया है. जूरी ने पाया कि इन कंपनियों ने यूजर्स को जोखिम के बारे में चेतावनी नहीं दी. इस मामले में दोनों पर कुल 6 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया.

Meta और Google को बच्चों के लिए खतरनाक प्लेटफॉर्म डिजाइन के मामले में जिम्मेदार ठहराया गया है. Image Credit:

Meta Google Lawsuit: अमेरिका में एक अहम फैसले में बड़ी टेक कंपनियों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं. कोर्ट की जूरी ने माना कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का डिजाइन बच्चों और किशोरों के लिए खतरनाक हो सकता है. इस मामले में दो बड़ी कंपनियां गूगल और मेटा को जिम्मेदार ठहराया गया है. यह फैसला टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. इससे आने वाले समय में कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव आ सकता है. खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर नए नियम बन सकते हैं.

क्या है पूरा मामला

यह मामला एक 20 साल की युवती से जुड़ा है जो बचपन में इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती थी. उसने आरोप लगाया कि प्लेटफॉर्म के डिजाइन ने उसे लत की ओर धकेला. कोर्ट में उसने कहा कि वह कम उम्र में ही इन ऐप्स की आदी हो गई थी. इस केस में कंटेंट नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के डिजाइन को मुद्दा बनाया गया. यही इस मामले की सबसे बड़ी खासियत रही.

कंपनियों पर क्या लगा आरोप

जूरी ने माना कि कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया जिससे बच्चे ज्यादा समय बिताएं. साथ ही इन खतरों के बारे में पर्याप्त चेतावनी भी नहीं दी गई. इसे लापरवाही माना गया. आरोप है कि कंपनियों ने सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता दी. यही वजह है कि कोर्ट ने उन्हें जिम्मेदार ठहराया.

कितना लगा जुर्माना

इस मामले में एक कंपनी पर करीब 4.2 मिलियन डॉलर और दूसरी पर 1.8 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया. हालांकि यह रकम इन बड़ी कंपनियों के मुकाबले बहुत कम है. फिर भी इसे एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसला माना जा रहा है. इससे भविष्य में ऐसे और मामलों का रास्ता खुल सकता है.

कंपनियों का क्या है कहना

कंपनियों ने इस फैसले से असहमति जताई है. एक कंपनी ने कहा कि वह अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है. दूसरी कंपनी ने साफ किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी. दोनों का कहना है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया है.

दुनिया भर में बढ़ रही सख्ती

पिछले कुछ सालों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ा है. कई राज्यों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नए नियम बनाए हैं. इनमें उम्र की जांच और मोबाइल इस्तेमाल को लेकर कानून शामिल हैं. यह मामला भी इसी बढ़ती सख्ती का हिस्सा माना जा रहा है.

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आगे क्या हो सकता है असर

इस फैसले के बाद टेक कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म में बदलाव करना पड़ सकता है. बच्चों के लिए सुरक्षा फीचर बढ़ाने का दबाव बढ़ेगा. साथ ही इससे कंपनियों की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है. आने वाले समय में ऐसे और केस सामने आ सकते हैं जो इंडस्ट्री की दिशा तय करेंगे.