किराये के बैंक खातों से 58 करोड़ की ठगी, ऐसे खेल करते थे साइबर अपराधी, जानें इस जाल से कैसे बचें

बलरामपुर पुलिस ने 58 करोड रुपये के साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह किराये के बैंक खाते और सिम कार्ड के जरिए देशभर में ठगी करता था. लोगों को 15 से 20 हजार रुपये देकर उनके खाते इस्तेमाल किए जाते थे.

58 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Image Credit: @AI/Money9live

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा किया है. यह गिरोह देशभर में लोगों को ठगने का काम कर रहा था. आरोपियों ने करीब 58 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है. पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह किराये के बैंक खाते और सिम कार्ड के जरिए फ्रॉड करता था. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.

सिम से होता था खेल

गिरोह का तरीका काफी अलग और खतरनाक था. यह लोग आम लोगों को उनके बैंक खाते किराये पर देने के लिए लालच देते थे. इसके बदले उन्हें 15 हजार से 20 हजार रुपये तक दिए जाते थे. साथ ही सिम कार्ड भी इन्हीं खातों से जोड़े जाते थे. इस तरह एक पूरा नेटवर्क तैयार किया जाता था. इसके जरिए ठगी का पैसा इधर से उधर किया जाता था.

देशभर में फैला था नेटवर्क

जांच में पता चला है कि यह गिरोह पूरे देश में फैला हुआ था. अलग- अलग राज्यों में इनके लिंक मौजूद थे. गिरोह के सदस्य लोगों को ऑनलाइन निवेश और अन्य स्कीम के नाम पर फंसाते थे. इसके बाद पैसे इन किराये के खातों में डाले जाते थे. फिर कई खातों में घुमाकर पैसे का सोर्स छिपाया जाता था.

फर्जी दस्तावेजों से बनाए खाते

आरोपियों ने फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर कई बैंक खाते और सिम कार्ड तैयार किए थे. इससे जांच एजेंसियों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था. यह खाते और सिम कार्ड अलग-अलग लोगों के नाम पर होते थे. गिरोह इस सिस्टम का इस्तेमाल लंबे समय से कर रहा था. इससे इनके फ्रॉड का दायरा लगातार बढ़ता गया.

कूरियर से भेजे जाते थे सबूत

गिरोह की चालाकी यहीं खत्म नहीं होती थी. बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड को मिठाई के डिब्बों में छिपाकर कूरियर के जरिए भेजा जाता था. इससे शक कम होता था और काम आसानी से हो जाता था. पुलिस ने इस तरीके को काफी गंभीर माना है. यह दिखाता है कि गिरोह कितनी प्लानिंग से काम कर रहा था.

करोड़ों के लेनदेन का खुलासा

अब तक पुलिस ने 17 बैंक खातों की पहचान की है जो इस गिरोह से जुड़े हैं. इनमें से 8 खातों की जांच में ही 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेनदेन का पता चला है. कुल मिलाकर 58 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान है. देश के अलग- अलग हिस्सों में 14 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इससे इस नेटवर्क के बड़े पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. एक आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी है. पुलिस अब डिजिटल सबूत और लेनदेन की जांच कर रही है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.