निवेश का लालच पड़ा भारी, बुजुर्ग को साइबर ठगों ने लगाया ₹22 करोड़ का चूना; बैंक अलर्ट नजरअंदाज करना पड़ा महंगा
पुणे में अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है जिसमें 85 साल के रिटायर्ड कारोबारी से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हुई.ठगों ने फर्जी निवेश ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिये पीड़ित को जाल में फंसाया.तीन महीने में पैसे 150 बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए.पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Cyber Fraud: पुणे में साइबर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है. एक 85 साल के रिटायर्ड कारोबारी से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई है. यह धोखाधड़ी तीन महीने से ज्यादा समय तक चली. पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी ही नहीं बल्कि संपत्ति बेचकर भी पैसे लगाए. अब पुणे साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
कैसे शुरू हुआ शेयर ट्रेडिंग स्कैम
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला तब शुरू हुआ जब ठगों ने बुजुर्ग कारोबारी को एक मैसेजिंग एप पर निवेशकों के एक ग्रुप में जोड़ दिया. इस ग्रुप का नाम एक जानी मानी ब्रोकिंग कंपनी जैसा रखा गया था. ग्रुप में लोग मुनाफे की बातें कर रहे थे. इससे प्रभावित होकर बुजुर्ग ने निवेश में रुचि दिखाई. यहीं से ठगी की शुरुआत हो गई.
फर्जी ऐप और लिंक से फंसाया गया जाल में
ठगों ने पीड़ित को एक लिंक भेजा और एक फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया. ऐप में शेयर खरीदने और मुनाफा दिखाया जाने लगा. इससे पीड़ित को भरोसा हो गया कि निवेश सही जगह हो रहा है. इसके बाद ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम लगाने के लिए कहा.
150 बैंक खातों में भेजे गए पैसे
तीन महीने के अंदर पीड़ित ने करीब 150 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए. ये खाते अलग-अलग शहरों के बताए जा रहे हैं. ठगों ने कई मोबाइल नंबर और ऑनलाइन तरीकों का इस्तेमाल किया. पीड़ित ने अपनी कंपनी बंद होने के बाद जमा पूंजी और संपत्ति बेचकर भी पैसे लगाए.
बैंक की चेतावनी भी नजरअंदाज की
बैंक की ओर से कई बार बड़े ट्रांजेक्शन को लेकर अलर्ट और चेतावनी भेजी गई. इन लेनदेन को संदिग्ध बताया गया था. इसके बावजूद पीड़ित ने इन संदेशों को नजरअंदाज किया. उन्होंने इस निवेश की जानकारी अपने बेटे और बहू से भी साझा नहीं की.
परिवार को शक हुआ तब खुला मामला
हाल ही में बातचीत के दौरान पीड़ित ने अपने बेटे को निवेश के बारे में बताया. बेटे को शक हुआ और उन्होंने बैंक डिटेल्स जांची. इसके बाद परिवार को ठगी का अहसास हुआ. तुरंत पुणे साइबर पुलिस से संपर्क किया गया. पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी कानून के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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यूजर्स के लिए जरूरी चेतावनी
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक और ऐप से दूर रहें. सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले निवेश ऑफर पर भरोसा न करें. किसी भी बड़े ट्रांजेक्शन से पहले परिवार और बैंक से सलाह जरूर लें. थोड़ी सी सावधानी बड़ी ठगी से बचा सकती है.