Budget 2026: किसानों के लिए खुशखबरी, बजट में PM KUSUM 2.0 पर बड़े ऐलान के संकेत; सोलर पावर को मिलेगा बूस्ट
बजट 2026 से पहले रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक पीएम कुसुम योजना के नए चरण पीएम कुसुम 2.0 की घोषणा हो सकती है. इस योजना का मकसद किसानों को सस्ती और साफ सोलर ऊर्जा देना है. नए चरण में सोलर प्रोजेक्ट्स बैटरी स्टोरेज और ज्यादा बजट आवंटन पर जोर रहेगा.
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 से पहले रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर बड़ी तैयारी नजर आ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले बजट में पीएम कुसुम योजना के अगले चरण की घोषणा हो सकती है. यह योजना खास तौर पर किसानों को सस्ती और साफ ऊर्जा देने के मकसद से लाई गई थी. सरकार अब इस स्कीम को नए रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है. पीएम कुसुम 2.0 के तहत सोलर एनर्जी को ग्रामीण और एग्रीकल्चर सेक्टर तक और मजबूत किया जा सकता है. इससे किसानों की इनकम बढ़ाने और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
क्या है पीएम कुसुम योजना
पीएम कुसुम योजना की शुरुआत मार्च 2019 में की गई थी. इसका मकसद किसानों को सोलर पंप और सोलर बिजली से जोड़ना है. जनवरी 2024 में इसे और विस्तार दिया गया था. इस योजना से किसानों को बिजली और पानी दोनों की सुविधा मिलती है. साथ ही खेती में डीजल के इस्तेमाल में कमी आती है. पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी यह योजना अहम भूमिका निभाती है.
क्यों लाया जा रहा है पीएम कुसुम 2.0
वर्तमान पीएम कुसुम योजना मार्च 2026 में समाप्त हो रही है. इसी को देखते हुए सरकार इसके अगले चरण की तैयारी कर रही है. मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी ने वित्त मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा है. नए चरण में कृषि क्षेत्र में विकेंद्रीकृत सोलर प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने की योजना है. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान सोलर एनर्जी से जुडें.
बजट में बढ़ सकता है आवंटन
ET Now के रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम कुसुम 2.0 के लिए बजट आवंटन 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. पहले चरण में सरकार ने करीब 32400 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. इसका लक्ष्य 35 गीगावाट सोलर क्षमता हासिल करना था. नए चरण में ज्यादा इंसेंटिव और आधुनिक तकनीक पर फोकस किया जाएगा. इससे सोलर प्रोजेक्ट्स को तेजी मिलेगी.
नई तकनीक और बैटरी स्टोरेज पर जोर
पीएम कुसुम 2.0 में बैटरी स्टोरेज को शामिल किए जाने की संभावना है. इससे सोलर एनर्जी का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा. सरकार नई तकनीक को अपनाने पर जोर दे सकती है. इससे बिजली की सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद बनेगी. किसानों को दिन और रात दोनों समय बिजली मिलने में मदद मिलेगी.
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प्राइवेट सेक्टर को मिलेगी भागीदारी
सरकार इस योजना में प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है. इसके लिए अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है. निजी निवेश आने से सोलर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार तेज होगी. रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. कुल मिलाकर पीएम कुसुम 2.0 से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है.
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