भयंकर बिकवाली! BSE Smallcap Index 8 महीने के निचले स्तर पर, 201 शेयर 52 हफ्ते के लो पर फिसले

इससे पहले स्मॉलकैप इंडेक्स ने 7 अप्रैल 2025 को 41,013.68 का 52 हफ्ते का निचला स्तर छुआ था. जनवरी 2026 में अब तक स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है. इस महीने इंडेक्स करीब 6.3 प्रतिशत टूटा है, जबकि इसी दौरान BSE Sensex में करीब 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई है.

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शेयर बाजार में मंगलवार को स्मॉलकैप शेयरों पर जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. BSE Smallcap Index इंट्राडे कारोबार में करीब 1.6 प्रतिशत गिरकर 48,287.29 के स्तर तक आ गया, जो पिछले 8 महीने से ज्यादा का निचला स्तर है. यह गिरावट टैरिफ से जुड़े डर और बढ़ते जियो पॉलिटिकल तनाव के बीच तेज बिकवाली की वजह से आई. यह इंडेक्स अब 12 मई 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है. इससे पहले स्मॉलकैप इंडेक्स ने 7 अप्रैल 2025 को 41,013.68 का 52 हफ्ते का निचला स्तर छुआ था. जनवरी 2026 में अब तक स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है. इस महीने इंडेक्स करीब 6.3 प्रतिशत टूटा है, जबकि इसी दौरान BSE Sensex में करीब 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई है.

201 स्मॉलकैप शेयर 52 हफ्ते के लो पर

  • आज के इंट्रा डे कारोबार में BSE Smallcap Index के तहत आने वाले 201 शेयरों ने अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर छू लिए. इनमें AAVAS Financiers, Bata India, Godrej Properties, Gokaldas Exports, Just Dial, MTNL, PCBL, Raymond, Praj Industries, SpiceJet और Tata Chemicals जैसे बड़े नाम भी शामिल रहे.
  • वहीं, Shree Digvijay Cement Company, Best Agrolife, Data Patterns India, AYM Syntex, SPML Infra, Antelopus Selan Energy, Tanfac Industries, Fairchem Organics, KMC Speciality Hospitals India, Simplex Infrastructures, MTAR Technologies और Disa India जैसे शेयरों में इंट्रा डे कारोबार के दौरान 6 से 13 प्रतिशत तक की तेज गिरावट देखने को मिली.

FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव, DII ने दी कुछ राहत

बाजार की कमजोरी के पीछे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बड़ी वजह रही. 19 जनवरी 2026 को FII और FPI ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 3,263 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की. वहीं DII ने करीब 4,234 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया. जनवरी महीने में अब तक FII करीब 26,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि इसके मुकाबले DII करीब 34,000 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी कर चुके हैं.

आगे भी बना रहेगा उतार चढ़ाव

जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में जियो पॉलिटिकल और जियो इकोनॉमिक मुद्दे बाजार की दिशा तय करेंगे. खास तौर पर अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड टैरिफ को लेकर चल रहे तनाव से बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी.

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