LPG पर छाया संकट, लेकिन PNG चालू; क्या दोनों में होती है एक ही गैस? जानें कौन है सस्ती
घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली गैस को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि अगर LPG की सप्लाई प्रभावित होती है तो क्या घरों में आने वाली पाइप गैस यानी PNG भी बंद हो सकती है. भारत में करोड़ों लोग खाना बनाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं. वहीं धीरे-धीरे कई शहरों में पाइप के जरिए घरों तक गैस पहुंचाने का नेटवर्क भी बढ़ रहा है.
LPG vs PNG: जंग और वैश्विक तनाव के बीच भारत में गैस सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. खासकर घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली गैस को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि अगर LPG की सप्लाई प्रभावित होती है तो क्या घरों में आने वाली पाइप गैस यानी PNG भी बंद हो सकती है. भारत में करोड़ों लोग खाना बनाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं. वहीं धीरे-धीरे कई शहरों में पाइप के जरिए घरों तक गैस पहुंचाने का नेटवर्क भी बढ़ रहा है.
ऐसे में मौजूदा हालात में यह सवाल काफी महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर घरेलू गैस सप्लाई पर पड़ेगा. सरकार ने इस संभावित संकट को देखते हुए जरूरी कदम उठाए हैं. केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act के तहत विशेष आदेश जारी किया है ताकि घरों में गैस की सप्लाई किसी भी हाल में प्रभावित न हो. इस फैसले के बाद घरेलू उपयोग को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है.
सरकार ने उठाया बड़ा कदम
गैस सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 के तहत विशेष आदेश जारी किया है. सरकार ने Priority Sector-1 के तहत घरेलू पाइप गैस यानी PNG और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG को सबसे पहले गैस देने का फैसला किया है.
इसके तहत पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर इन सेक्टर को 100 प्रतिशत गैस सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी. इसका मतलब है कि अगर राष्ट्रीय गैस ग्रिड में गैस उपलब्ध है तो सबसे पहले घरों की रसोई तक पाइप गैस पहुंचाई जाएगी. उसके बाद ही उद्योगों या Power plants को गैस दी जाएगी.
LPG और PNG में क्या अंतर है
LPG यानी Liquefied Petroleum Gas और PNG यानी Piped Natural Gas दोनों का इस्तेमाल खाना बनाने में होता है, लेकिन दोनों की सप्लाई का तरीका अलग है. LPG आमतौर पर प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का मिश्रण होता है. इसे सिलेंडर में भरकर घरों तक पहुंचाया जाता है.
जब सिलेंडर खत्म हो जाता है तो नया सिलेंडर मंगवाना पड़ता है. वहीं PNG प्राकृतिक गैस होती है जो मुख्य रूप से मीथेन से बनी होती है. इसे शहरों में बिछी पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है. इसमें सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती और गैस लगातार मिलती रहती है.
जानें कौन है सस्ती
दिल्ली में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर और पाइप गैस (PNG) की कीमतों में काफी अंतर है. इंडियन ऑयल के मुताबिक 7 मार्च 2026 से दिल्ली में 14.2 किलो वाले बिना सब्सिडी वाले Indane LPG सिलेंडर की कीमत ₹913 है. यानी एक सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ता को लगभग नौ सौ रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं.
वहीं दूसरी तरफ इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के मुताबिक दिल्ली में घरों तक पाइप के जरिए मिलने वाली PNG गैस की कीमत ₹47.89 प्रति SCM है. PNG में गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक आती है और जितनी गैस इस्तेमाल होती है उतना ही बिल बनता है. अगर खर्च के हिसाब से देखा जाए तो आम तौर पर PNG गैस LPG सिलेंडर के मुकाबले सस्ती पड़ती है.
भारत में गैस उपयोग की स्थिति
भारत में अभी भी ज्यादातर घर LPG सिलेंडर का ही इस्तेमाल करते हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में देश में करीब 31.3 मिलियन टन LPG की खपत हुई. दूसरी ओर पाइप गैस कनेक्शन अभी कम हैं. 2024 के अंत तक भारत में करीब 1.36 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन थे. जबकि एलपीजी कनेक्शन की संख्या करीब 33.2 करोड़ है.
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