सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स कर सकते हैं 8 लाख महीने तक की कमाई, योगी सरकार लाई नई सोशल मीडिया पॉलिसी

उत्तर प्रदेश सरकार ने इंफ्लूएंसर के लिए पैसा कमाने का काफी बढ़िया तरीका बताया है. अब इंफ्लूएंसर महीने के 8 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. उसके लिए उन्हें अपने सोशल मीडिया हैंडल से सरकारी योजनाएं, नए प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी पोस्ट करनी होगी.

उत्तर प्रदेश सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी Image Credit: Matt Cardy/Getty Images

देशभर में इंफ्लूएंसर की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है. सोशल मीडिया से लेकर यूट्यूब तक, इंफ्लूएंसर्स का एक नया धड़ा तैयार हो रहा है. उनके कंटेंट की खपत भी बड़े स्तर पर हो रही है. अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इंफ्लूएंसर के लिए पैसा कमाने का काफी बढ़िया तरीका बताया है.

क्या है इंफ्लूएंसर के लिए खास?

अब इंफ्लूएंसर महीने के 8 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. उसके लिए उन्हें अपने सोशल मीडिया हैंडल से सरकारी योजनाएं, नए प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी पोस्ट करनी होगी. सरकार ने अलग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट होने वाले कंटेंट के लिए अलग राशि तय की गई है. एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम के इंफ्लूएंसर के लिए एक महीने में अधिकमत राशि क्रमश: 5 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 3 लाख रुपये हो सकती है. वहीं यूट्यूब पर डाले जा रहे कंटेंट के आधार पर भी पैसे तय किये गए हैं. इंफ्लूएंसर जो यूट्यूब पर वीडियो बनाते हैं वो 8 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. वहीं बाकी के फॉर्मेट जैसे शॉर्ट फिल्म, पॉडकास्ट और दूसरे तरह के कंटेंट के लिए अधिकतम राशि क्रमश: 7 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 4 लाख रुपये मिल सकती है.

सरकार रिव्यू करेगी आपका कंटेंट

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 28 अगस्त को सोशल मीडिया से जुड़ी नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया के कंटेंट को रेग्यूलेट करना है. पॉलिसी में आपत्तिजनक सोशल मीडिया कंटेंट से निपटने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं साथ ही दिशानिर्देश का पालन नहीं करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई करने तक की बात भी शामिल है.

क्या है नई पॉलिसी?

नई पॉलिसी के अनुसार देश के खिलाफ पोस्ट किए गए कंटेंट को गंभीर अपराध की श्रेणी में डाला जाएगा. उसके लिए 3 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा देने का प्रावधान शामिल है. नई पॉलिसी के आने से पहले इन क्रियाओं को आईटी एक्ट की धारा 66ई और 66एफ के अंतर्गत रखा गया था. इसके अलावा अश्लील या मानहानिकारक कंटेंट को शेयर करने पर आपराधिक मानहानि के आरोप भी लग सकते हैं.