SBI Card यूजर्स अलर्ट, बदले कई नियम, लेट फीस बढ़ी और फ्री कार्ड पाना हुआ मुश्किल; जानिए पूरा अपडेट

SBI Card ने अपने चार्जेस, फीस नियम और रिवॉर्ड सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए हैं. ये बदलाव मई और अप्रैल से लागू हो चुके हैं और इनका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है. अगर आप SBI का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो अब आपको पेमेंट समय पर करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है, क्योंकि देरी करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है.

SBI Credit Card क्रेडिट कार्ड

SBI Card Rule: देश के करोड़ों क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए अहम खबर है. SBI Card ने अपने चार्जेस, फीस नियम और रिवॉर्ड सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए हैं. ये बदलाव मई और अप्रैल से लागू हो चुके हैं और इनका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है. अगर आप SBI का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो अब आपको पेमेंट समय पर करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है, क्योंकि देरी करने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है.

सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी ने कुछ कार्ड्स पर मिलने वाली सालाना फीस माफी की शर्तें भी कड़ी कर दी हैं. यानी अब पहले जितना खर्च करके आप फीस माफ करवा लेते थे, अब उससे ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. इसके अलावा रिवॉर्ड पॉइंट्स को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं, जिससे उनका इस्तेमाल थोड़ा सीमित हो गया है. कंपनी का कहना है कि ये बदलाव सिस्टम को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए किए गए हैं. लेकिन यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि इन बदलावों का उनके खर्च और फायदे पर क्या असर पड़ेगा.

लेट पेमेंट पर बढ़ा चार्ज

  • 1 मई से SBI Card ने लेट पेमेंट चार्ज के नियम बदल दिए हैं.
  • अब अगर आपका बकाया 100 रुपये से ज्यादा और 500 रुपये तक है, तो आपको 100 रुपये का चार्ज देना होगा.
  • जैसे-जैसे बकाया राशि बढ़ेगी, वैसे-वैसे चार्ज भी बढ़ता जाएगा.
  • इसका मतलब साफ है कि समय पर बिल नहीं चुकाने पर अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा.

सालाना फीस माफी के नियम सख्त

  • कंपनी ने BPCL SBI क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली सालाना फीस छूट को भी मुश्किल बना दिया है.
  • पहले जहां 50,000 रुपये खर्च करने पर 499 रुपये की फीस माफ हो जाती थी, अब इसके लिए 1 लाख रुपये खर्च करना होगा.
  • यानी अब यूजर्स को दोगुना खर्च करना पड़ेगा तभी उन्हें यह फायदा मिलेगा.

बकाया वसूली और नोटिस प्रक्रिया

CNBC की एक रिपोर्ट के हवासे से SBI Card ने साफ किया है कि अगर ग्राहक समय पर भुगतान नहीं करता है, तो कंपनी उसे कई तरीकों से संपर्क कर सकती है. इसमें फोन कॉल, SMS, ईमेल, पोस्ट और थर्ड पार्टी एजेंसियां शामिल हो सकती हैं. अगर मामला ज्यादा गंभीर होता है, तो कंपनी ग्राहक की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को भेज सकती है. हालांकि, इससे पहले ग्राहक को एक महीने का नोटिस दिया जाएगा.

रिवॉर्ड पॉइंट्स के नियम भी बदले

1 अप्रैल से रिवॉर्ड पॉइंट्स से जुड़े नियम पहले ही बदल दिए गए हैं. अब एक महीने में अधिकतम 60,000 पॉइंट्स ही रिडीम किए जा सकते हैं. इसके अलावा, पॉइंट्स को 4,000 के मल्टीपल में ही इस्तेमाल करना होगा. कुछ खास कार्ड्स पर ये नियम लागू नहीं होंगे. इन बदलावों के बाद ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सोच-समझकर करें. समय पर बिल भरें और रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही तरीके से उपयोग करें.

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