ईरानी मिसाइलों से दहला कतर का सबसे बड़ा गैस हब, रास लफान में भीषण आग, बड़े नुकसान का दावा
ईरान ने मिसाइल हमले से कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाया. इसमें भीषण आग लग गई. कतरएनर्जी ने बड़े नुकसान का दावा किया है. साथ ही उसने इसे अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला बताया, हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
Iran attack on Qatar Gas Hub: पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को ईरान ने कतर की एक सरकारी ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाया. ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी ने बुधवार को कहा कि ईरानी हमलों के कारण उसके प्रमुख गैस केंद्र रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में लगी आग से भारी नुकसान हुआ है. यह हमला ऐसे समय हुआ, जब तेहरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी मिसाइल हमलों का निशाना बनी है. हमले के तुरंत बाद आपातकालीन टीमें मौके पर भेजी गईं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी गई. कतरएनर्जी के मुताबिक, इस घटना में काफी ज्यादा नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
सुरक्षा पर बताया सीधा हमला
कतर ने इस हमले को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाना खतरनाक उकसावा, संप्रभुता का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला है. गृह मंत्रालय का कहना है कि सिविल डिफेंस की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और शुरुआती स्तर पर आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है. फिलहाल कोई घायल नहीं हुआ है. राजधानी दोहा से करीब 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित रास लफान, कतर का बेहद अहम ऊर्जा केंद्र है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां काम करती हैं.
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गैस कंपनियों को खाली करने की चेतावनी
इससे पहले ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर के कई तेल और गैस प्रतिष्ठानों को खाली करने की चेतावनी दी थी. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आने वाले घंटों में इन ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है. चेतावनी में खास तौर पर रास लफान रिफाइनरी का नाम भी शामिल था.रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस धमकी के बाद कतर ने एहतियातन रास लफ़ान स्थित एलएनजी प्रतिष्ठानों से कर्मचारियों को हटाना शुरू कर दिया था. हमले से पहले ईरान ने कहा था कि वह खाड़ी के ऊर्जा ढांचे पर हमला कर सकता है. यह चेतावनी इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर किए गए हमलों के जवाब में दी गई थी. ईरान की सूची में कतर के मेसाइद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, मेसाइद होल्डिंग कंपनी और रास लफ़ान रिफाइनरी के अलावा सऊदी अरब के सैमरेफ रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, साथ ही यूएई के अल होसन गैस फील्ड का भी नाम शामिल था.
अबू धाबी ने बंद की गैस सुविधा
अबू धाबी ने मिसाइलों को हवा में नष्ट किए जाने के बाद गिरे मलबे से हुए असर के चलते एक गैस सुविधा का संचालन बंद कर दिया है. अधिकारियों ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हबशन गैस सुविधाओं और बाब ऑयल फील्ड में मिसाइलों के सफल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे की वजह से एहतियातन बंद कर दिया गया है. राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. मंत्रालय ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे गंभीर उकसावा तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया.
