Israel-US Attacks Iran Live: तेहरान पर इजराइल और अमेरिका ने किया अटैक, ईरान ने कतर, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों किया हमला
इजराइल ने कहा है कि उसने ईरान पर अपने बचाव के लिए हमला किया है. यानी संभावित खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया. इजराइल का कहना है कि उसे ईरान की तरफ से मिसाइल हमले का डर था. ईरान की राजधानी तेहरान में तीन बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई.
Israel Attacks Iran: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. शनिवार को इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया. राजधानी तेहरान में जोरदार धमाकों की खबर सामने आई. पिछले कुछ हफ्तों से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था और अब हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं. इससे पहले भी दोनों देशों के बीच 12 दिन तक युद्ध हो चुका है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी. इस नए हमले के बाद पूरे इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है. इजराइल ने अपने नागरिकों को पहले ही सतर्क कर दिया है, जबकि अमेरिका ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई है.
इजराइल ने बताया ‘प्रिवेंटिव अटैक’
इजराइल ने कहा है कि उसने ईरान पर अपने बचाव के लिए हमला किया है. यानी संभावित खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया. इजराइल का कहना है कि उसे ईरान की तरफ से मिसाइल हमले का डर था. ईरान की राजधानी तेहरान में तीन बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई. स्थानीय मीडिया के मुताबिक ये धमाके शहर के बीचों-बीच हुए. हालांकि नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
इजराइल में हाई अलर्ट
इजराइल की सेना ने पूरे देश में सायरन बजाए और लोगों को सुरक्षित जगहों के पास रहने को कहा. मोबाइल फोन पर भी अलर्ट भेजा गया. रक्षा मंत्री ने आपातकाल जैसी स्थिति घोषित कर दी है और कहा है कि ईरान की तरफ से मिसाइल या ड्रोन हमला हो सकता है.
ईरान के हमले की चेतावनी
इजराइल ने ईरान पर हमले के बाद पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है. सरकार का कहना है कि ईरान की तरफ से कभी भी मिसाइल और ड्रोन हमला हो सकता है. इजराइल के परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने बताया कि देश का एयरस्पेस आम लोगों की उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया है.
यानी अब फिलहाल कोई भी नागरिक फ्लाइट नहीं चलेगी. सुरक्षा के चलते स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं. लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है. बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है. सरकार ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा है ताकि लोग सुरक्षित रह सकें. पूरे देश में हाई अलर्ट है और सेना हर स्थिति पर नजर रख रही है.
खामेनेई को सेफ जगह पर ले जाया गया
ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अब तेहरान में नहीं हैं. उन्हें सुरक्षा कारणों से एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार यह फैसला अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद लिया गया है. माना जा रहा है कि हालात को देखते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं.
फिलहाल यह नहीं बताया गया है कि खामेनेई को किस जगह ले जाया गया है. लेकिन ईरान में बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे इस तनाव के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं और दुनिया भर की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है.
हमले में अमेरिका भी शामिल
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले को ‘शील्ड ऑफ जुडाह’ नाम दिया गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस हवाई हमले में अमेरिका भी शामिल था. यानी यह हमला सिर्फ इजराइल का नहीं बल्कि दोनों देशों की संयुक्त कार्रवाई थी. बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन के तहत ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया गया. हालांकि हमले से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
ईरान में 30 से ज्यादा ठिकानों पर स्ट्राइक
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा हमला करते हुए देशभर में 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के आवास को भी टारगेट किया गया. इसके अलावा खुफिया एजेंसियों के मुख्यालय पर भी हमला हुआ है. बताया जा रहा है कि यह हमला कई जगहों पर एक साथ किया गया, जिससे ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है.
ईरान का बड़ा बयान: जवाब होगा कड़ा
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि देश जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और उसका जवाब “बहुत कड़ा और विनाशकारी” होगा. ईरान का कहना है कि वह इन हमलों को नजरअंदाज नहीं करेगा और जल्द ही जवाब देगा.
अमेरिका के एक अधिकारी ने अल जजीरा से बात करते हुए कहा कि इन हवाई हमलों का मकसद ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है. उन्होंने बताया कि हमले खास तौर पर ईरान के सुरक्षा ढांचे और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं, ताकि उसकी सैन्य और खुफिया क्षमता को नुकसान पहुंचाया जा सके.
इजराइल में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी
इजराइल में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. सभी भारतीयों को बेहद सतर्क रहने और हर समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. उन्हें इजराइल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है. लोगों को सुरक्षित जगहों और शेल्टर के पास रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. साथ ही स्थानीय खबरों और अलर्ट पर नजर रखने को कहा गया है. किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है.
- Telephone: +972-54-7520711
- E-mail: cons1.telaviv@mea.gov.in8
हमले के बाद अमेरिका ने क्या कहा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की मिसाइलों को नष्ट करेगा और उसकी नौसेना को भी खत्म कर देगा. ट्रंप ने साफ कहा कि किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस संघर्ष में अमेरिकी लोगों को नुकसान हो सकता है और कुछ हताहत भी हो सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए हैं.
ईरान में साइबर हमला
ईरान में शनिवार को कई न्यूज वेबसाइट्स हैक होने की खबर भी सामने आई है. ईरानी मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के प्रमुख न्यूज प्लेटफॉर्म इस साइबर हमले का शिकार बने. हैक हुई वेबसाइट्स में IRNA, ISNA, Tabnak और Asr-e Iran शामिल हैं. बताया जा रहा है कि यह हमला सिर्फ एक या दो साइट तक सीमित नहीं था, बल्कि कई मीडिया प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद माना जा रहा है कि ईरान पर बड़े स्तर पर साइबर अटैक किए जा रहे हैं.
हमले के बाद ईरान का पलटवार
अमेरिका और इजराइल के हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इज़राइल की ओर 30 रॉकेट दागे. इजराइली सेना ने प्रेस टीवी के हवाले से यह जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि यह हमला हाल ही में तेहरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों के जवाब में किया गया है.
ईरान के राष्ट्रपति सुरक्षित, पूरी तरह स्वस्थ
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इजराइली हमले में उन्हें निशाना बनाया जा सकता है, लेकिन अब साफ हो गया है कि वह सुरक्षित हैं. रॉयटर्स ने मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं. वहीं तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी एक करीबी सूत्र के हवाले से कहा है कि पेजेश्कियन पूरी तरह स्वस्थ हैं.
हमले के बाद नेतन्याहू का बयान
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान से पैदा हुए “बड़े खतरे” को खत्म करने के लिए शुरू किया गया है. इस ऑपरेशन का नाम ‘रोर ऑफ द लायन’ रखा गया है. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की सरकार एक “आतंकी शासन” है और उसे परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते हैं तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है.
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके समर्थन और नेतृत्व के लिए धन्यवाद भी दिया. इसके अलावा नेतन्याहू ने ईरान के अलग-अलग समुदायों से अपील की कि वे मौजूदा शासन के खिलाफ खड़े हों और देश में शांति और आजादी लाने की दिशा में कदम उठाएं.
ईरान हालात पर नजर रखे हुए है IndiGo
मिडिल ईस्ट में अमेरिका की अगुवाई में तेहरान पर हुए हमलों और इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. इस हालात के बीच भारत की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने कहा कि वह ईरान और व्यापक मध्य पूर्व क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है.
IndiGo ने एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर बताया कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. एयरलाइन ने कहा कि जैसे-जैसे स्थिति बदल रही है, उसके आंतरिक टीमें किसी भी संभावित परिचालन बदलाव के लिए तैयार हैं. एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ईरान और आसपास के हवाई क्षेत्र से जुड़े अपडेट्स को रियल टाइम में ट्रैक कर रही है, क्योंकि मौजूदा तनाव के कारण एयरस्पेस प्रभावित हुआ है.
IndiGo ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें. एयरलाइन ने कहा कि किसी भी तरह के बदलाव या व्यवधान की जानकारी रजिस्टर्ड कांटेक्ट डिटेल के माध्यम से तुरंत साझा की जाएगी.
ईरान ने कतर, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कतर, कुवैत और जॉर्डन में कई बेस पर हमले किए हैं.
किन-किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
ईरान की ओर से जिन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:
- Al Udeid Air Base, कतर.
- Al Salem Air Base, कुवैत.
- Muwaffaq al-Salti Air Base, जॉर्डन.
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