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Nepal Gen-Z Protest: राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री का इस्तीफा, बेकाबू भीड़ ने सेना से छीने हथियार, मंत्री को पीटा, संसद को फूंका

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन अब बेकाबू हो गया है. सेना की अपील के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं, इस दौरान बेकाबू भीड़ ने सेना से हथियार छीन लिए एक मंत्री की पिटाई कर दी. बिगडते हालात के बीच काठमांडू एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है. वहीं, एयर इंडिया और इंडिगो ने उड़ानें रद्द कर दिया है.

नेपाल प्रदर्शन Image Credit: AP/PTI(AP09_09_2025_000292B)

Nepal Gen-Z Protest LIVE : नेपाल में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है. राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल में अब पूरी तरह अराजकता हावी है. राजधानी काठमांडू समेत पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन तेज हो गए हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि काठमांडू से सभी उड़ानें अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं. संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारियों ने सेना के हथियार छीने, सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ की और कई इमारतों को आग के हवाले कर दिया. वहीं, बेकाबू भीड़ ने संसद भवन में वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को पकड़ लिया और सड़क पर पीटते हुए नजर आए हैं.

दिल्ली से काठमांडू जाने वाली उड़ानें बंद

हिंसा और अस्थिरता के चलते दिल्ली से काठमांडू जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी गई है. एयरलाइनों ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अगली सूचना तक उड़ानों को स्थगित कर दिया है. भारतीय दूतावास ने नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर 977-9808602881 जारी किया है. आपात स्थिति में या मदद के लिए भारतीय समुदाय से इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है.

बालेंद्र शाह को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने की मांग

प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह का नाम अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर सबसे आगे चल रहा है. प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाले बालेंद्र शाह ने फेसबुक पर जेनरेशन Z से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें. उन्होंने लिखा, “यह विशुद्ध रूप से जेनरेशन Z का आंदोलन है. आपके उत्पीड़क का इस्तीफा हो चुका है, अब संयम बरतने का समय है.” वहीं, नेपाल सेना प्रमुख ने भी युवाओं से हिंसा रोकने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, इसलिए विरोध प्रदर्शन जान-माल की हानि का कारण न बने.

हिंसा में बढ़ती आग

स्थिति बेकाबू होती जा रही है. जनकपुर में इमारतों को आग लगा दी गई, वहीं काठमांडू में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निजी आवासों को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया. वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को सड़क पर पकड़कर पीटा गया. संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारियों ने सेना के हथियार छीन लिए और उन्हें लहराते हुए दिखाई दिए. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं.

नई सरकार की दिशा में राजनीति तेज

बालेंद्र शाह के अलावा शेखर कोइराला का नाम भी अंतरिम नेतृत्व के लिए चर्चा में है. राजनीतिक दल नए समीकरण तलाश रहे हैं ताकि अस्थिरता खत्म की जा सके. लेकिन फिलहाल हिंसा, असंतोष और राजनीतिक अविश्वास नेपाल में गहराता जा रहा है. नेपाल की यह स्थिति केवल राजनीतिक संकट नहीं बल्कि जन असंतोष, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध का नतीजा मानी जा रही है. आने वाले दिनों में देश की दिशा किस ओर जाएगी, यह पूरी दुनिया की नजरें उस पर टिकाए हुए हैं.