क्या सामान्य हो रहा होर्मुज का माहौल? बढ़ती जहाजों की आवाजाही दे रही राहत के संकेत, लेकिन जोखिम अब भी बरकरार

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है, वीकेंड पर 21 वेसल्स के गुजरने से हालात में सुधार के संकेत मिले हैं. हालांकि, ईरान के नियंत्रण और जारी तनाव के चलते स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा सकती.

होर्मुज स्ट्रेट Image Credit: @AI

Strait of Hormuz Traffic Rises: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुनिया की सबसे अहम समुद्री लाइफ लाइन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कुछ राहत भरे संकेत सामने आ रहे हैं. हाल के दिनों में यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बढ़ी है, जो यह इशारा करती है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ सकते हैं. हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है और किसी भी वक्त हालात पलट सकते हैं.

होर्मुज से गुजरे 21 जहाज

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वीकेंड के दौरान 21 जहाज इस स्ट्रेट से गुजरे, जो मार्च की शुरुआत के बाद सबसे ज्यादा है. इनमें से 13 जहाज अरब सागर की ओर बढ़े. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब कई देश ईरान के साथ समझौते कर अपने जहाजों, माल और क्रू को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. इससे साफ है कि धीरे-धीरे ट्रैफिक वापस लौट रहा है, लेकिन यह अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है, जब रोजाना करीब 135 जहाज यहां से गुजरते थे.

ईरान ने किन्हें दी छूट?

इस पूरे घटनाक्रम में ईरान की भूमिका सबसे अहम बनी हुई है. स्ट्रेट पर उसकी पकड़ पहले से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है. ज्यादातर आवाजाही ईरानी जहाजों की ही है, लेकिन अब दूसरे देशों को भी सीमित छूट मिलने लगी है. उदाहरण के तौर पर, ईरान ने इराक को विशेष छूट देते हुए उसके कच्चे तेल से भरे टैंकर को गुजरने की अनुमति दी. वहीं भारत ने भी अपने कई एलपीजी टैंकर सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई है, जो इस बात का संकेत है कि बातचीत के जरिए रास्ते खुल रहे हैं.

विकल्प भी हो रहा तैयार

चीन, जापान, तुर्की और ग्रीस जैसे देशों से जुड़े जहाजों की आवाजाही भी धीरे-धीरे शुरू हो रही है. कुछ जहाजों ने दूसरी कोशिश में यह रास्ता पार किया, जो इस बात को दर्शाता है कि जोखिम अभी भी बना हुआ है, लेकिन विकल्प भी तैयार किए जा रहे हैं. कई जहाज ईरान के बताए रास्ते के करीब चल रहे हैं, जबकि कुछ अब ओमान के तट के पास से भी गुजरने लगे हैं. ओमान ने भी इस मार्ग को सुचारु बनाने के लिए बातचीत की पुष्टि की है.

पूरी तरह साफ नहीं तस्वीर

हालांकि, इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने और अपने नियंत्रण को कानूनी रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. बताया जा रहा है कि यह शुल्क युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए लगाया जा रहा है. ऐसे में यह रास्ता अब केवल सामरिक नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव का भी साधन बनता जा रहा है.

अपने रुख पर कायम है ईरान

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी इस स्थिति को और जटिल बना रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनियों के बावजूद ईरान अपने रुख पर कायम है और उसने साफ किया है कि पूरी तरह से रास्ता खोलने का फैसला उसकी शर्तों पर ही होगा. इससे यह साफ है कि भले ही जहाजों की संख्या बढ़ रही हो, लेकिन जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात “कंट्रोल्ड नॉर्मल” जैसे हैं- जहां सीमित आवाजाही तो हो रही है, लेकिन सब कुछ ईरान की मंजूरी और हालात पर निर्भर है. यानी होर्मुज का माहौल सामान्य होने की ओर जरूर बढ़ रहा है, लेकिन अभी इसे पूरी तरह सुरक्षित कहना जल्दबाजी होगी.

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