खरीफ सीजन में चावल की खरीद ने पकड़ी रफ्तार, तीन महीने में पूरा हुआ 72 फीसदी टारगेट; तमिलनाडु में बंपर उछाल
खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 में भारत में चावल की सरकारी खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है. पहले तीन महीनों में ही कुल लक्ष्य का 72 फीसदी पूरा हो चुका है और यह पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा है. तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में खरीद में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं पंजाब, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में खरीद में गिरावट देखने को मिली है.
kharif rice procurement india: मौजूदा खरीफ मार्केटिंग सीजन में भारत में चावल की खरीद में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. पहले तीन महीनों में ही कुल लक्ष्य का 72 फीसदी पूरा हो चुका है और यह पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा है. हालांकि, तीन प्रमुख योगदान देने वाले राज्यों पंजाब, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सरकारी खरीद में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चावल की खरीद में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी खरीद में काफी इजाफा हुआ है.
अक्टूबर से दिसंबर 2025 के दौरान चावल की कुल खरीद 333.72 लाख टन तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 312.60 लाख टन रही थी. सरकार ने 2025-26 सीजन में खरीफ की फसल से कुल 463.49 लाख टन चावल खरीदने का लक्ष्य रखा है.
तमिलनाडु में बंपर उत्पादन का असर
हिंदू बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु में चावल की खरीद पिछले साल के 3.62 लाख टन से 179 फीसदी बढ़कर 10.09 लाख टन हो गई है. इस तेज बढ़ोतरी का मुख्य कारण राज्य में बंपर उत्पादन बताया जा रहा है. 31 दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में खरीद 28.25 लाख टन से 27.3 फीसदी बढ़कर 35.96 लाख टन हो गई है. वहीं आंध्र प्रदेश में चावल की खरीद 10.82 लाख टन से 109.3 फीसदी की छलांग लगाकर 22.65 लाख टन तक पहुंच गई है.
पश्चिम बंगाल में इस साल केंद्र सरकार 10.27 लाख टन चावल की खरीद कर चुकी है. खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा चावल पैदा करने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में शुरुआती दो महीनों की गिरावट के बाद अब खरीद में सुधार देखने को मिला है. UP में खरीद बढ़कर 24.45 लाख टन हो गई है, जो पिछले साल के 23.88 लाख टन से 2.4 फीसदी ज्यादा है. मध्य प्रदेश में भी चावल की खरीद 35.3 फीसदी बढ़कर 16.65 लाख टन से 22.52 लाख टन हो गई है. वहीं उत्तराखंड में खरीद 15.4 फीसदी बढ़कर 4.34 लाख टन से 5.01 लाख टन तक पहुंच गई है.
| राज्य | पिछला वर्ष (लाख टन) | चालू वर्ष (लाख टन) | वृद्धि (फीसदी) |
|---|---|---|---|
| तमिलनाडु | 3.62 | 10.09 | 179.0 |
| तेलंगाना | 28.25 | 35.96 | 27.3 |
| आंध्र प्रदेश | 10.82 | 22.65 | 109.3 |
| उत्तर प्रदेश | 23.88 | 24.45 | 2.4 |
| मध्य प्रदेश | 16.65 | 22.52 | 35.3 |
| उत्तराखंड | 4.34 | 5.01 | 15.4 |
इन राज्यों में कम हुई खरीद
दूसरी ओर, पंजाब में चावल की खरीद 104.80 लाख टन रही, जो पिछले साल के 116.13 लाख टन से 9.7 फीसदी कम है. छत्तीसगढ़ में खरीद 16.2 फीसदी घटकर 44.26 लाख टन रह गई है, जबकि पिछले साल यह 52.84 लाख टन थी. राज्य में खरीद 1 नवंबर से शुरू हुई थी और 31 जनवरी तक जारी रहने वाली है. ओडिशा में भी चावल की खरीद 12.2 फीसदी घटकर 6.91 लाख टन रही, जो पिछले साल 7.87 लाख टन थी.
महाराष्ट्र में खरीद 19.2 फीसदी घटकर 2.74 लाख टन रह गई, जबकि पिछले साल यह 3.39 लाख टन थी. बिहार में भी खरीद मामूली रूप से घटकर 6.79 लाख टन से 6.74 लाख टन पर आ गई है. कृषि मंत्रालय के अनुसार, 2025-26 खरीफ सीजन में देश में चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 124.50 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 122.77 मिलियन टन से 1.4 फीसदी ज्यादा है.
| राज्य | पिछला वर्ष (लाख टन) | चालू वर्ष (लाख टन) | बदलाव (फीसदी) |
|---|---|---|---|
| पंजाब | 116.13 | 104.80 | −9.7 |
| छत्तीसगढ़ | 52.84 | 44.26 | −16.2 |
| ओडिशा | 7.87 | 6.91 | −12.2 |
| महाराष्ट्र | 3.39 | 2.74 | −19.2 |
| बिहार | 6.79 | 6.74 | −0.7 |
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