OMSS के तहत अगस्त से शुरू होगी गेहूं-चावल की बिक्री, तय हुआ नया रिजर्व प्राइस; जानें पूरा प्लान

वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने OMSS के तहत गेहूं और चावल की बिक्री का फैसला किया है. FCI द्वारा खुले बाजार में गेहूं 2,550 रुपये और चावल एथेनॉल डिस्टिलरीज को 2,250–2,320 रुपये प्रति क्विंटल के रिजर्व प्राइस पर बेचा जाएगा. बिक्री अगस्त से शुरू होगी. ‘भारत’ ब्रांड के तहत केवल नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को ही आटा व चावल बेचने की अनुमति होगी.

गेहूं स्टॉक Image Credit: money9live.com

OMSS Wheat Rice Sale: केंद्र सरकार ने सरकारी भंडार से गेहूं, चावल और मोटे अनाज को ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत बेचने का निर्णय लिया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए खुले बाजार में बेचे जाने वाले गेहूं का रिजर्व प्राइस 2,550 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,425 रुपये प्रति क्विंटल है. इस रिजर्व प्राइस में परिवहन लागत शामिल नहीं है. पिछले वर्ष यह मूल्य 2,300–2,325 रुपये प्रति क्विंटल था.

OMSS के तहत गेहूं और चावल की बिक्री

खाद्य मंत्रालय द्वारा भारतीय खाद्य निगम (FCI) को भेजे गए पत्र के अनुसार, गेहूं न केवल निजी व्यापारियों को, बल्कि नाफेड (NAFED), एनसीसीएफ (NCCF), केंद्रीय भंडार (Kendriya Bhandar) और सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) को भी बेचा जाएगा. नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार इस गेहूं का इस्तेमाल ‘भारत’ ब्रांड के आटे को अपने स्टोर्स या मोबाइल वैन के माध्यम से बेचने में करेंगे.

अगस्त में शुरू हो सकती है बिक्री

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, गेहूं की मात्रा और बिक्री की समय-सीमा का निर्धारण FCI द्वारा मंत्रालय के साथ मिलकर, उपलब्ध स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा. अनुमान है कि सरकार OMSS के तहत लगभग 4–5 मिलियन टन गेहूं की बिक्री कर सकती है, जिसकी शुरुआत अगस्त से चरणबद्ध तरीके से हो सकती है.

रिकॉर्ड उत्पादन

इस वर्ष 117.5 मिलियन टन के रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के चलते सरकार के पास भरपूर स्टॉक उपलब्ध है. 1 जुलाई के लिए निर्धारित 27.58 मिलियन टन के बफर मानदंड के मुकाबले FCI के पास लगभग 35.2 मिलियन टन (352 लाख टन) गेहूं उपलब्ध है. 2025-26 के रबी मार्केटिंग सीजन में सरकारी एजेंसियों ने लगभग 30 मिलियन टन गेहूं की खरीद की, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है.

एथेनॉल उत्पादन के लिए 5.2 मिलियन टन चावल आवंटित

एथेनॉल उत्पादन हेतु 2025-26 में 5.2 मिलियन टन चावल की बिक्री OMSS के तहत की जाएगी, जो पिछले वर्ष के बराबर है. यह चावल एथेनॉल डिस्टिलरीज को 31 अक्टूबर तक 2,250 रुपये प्रति क्विंटल और 1 नवंबर से 2,320 रुपये प्रति क्विंटल के रिजर्व प्राइस पर उपलब्ध कराया जाएगा. धान का MSP 2,389 रुपये प्रति क्विंटल तय है.

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‘भारत’ ब्रांड के चावल के लिए अलग कीमत

नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार द्वारा ‘भारत’ ब्रांड के चावल की बिक्री हेतु 1 नवंबर से 2,480 रुपये प्रति क्विंटल का रिजर्व प्राइस तय किया गया है. वहीं राज्य सरकारों, राज्य निगमों और सामुदायिक रसोई के लिए यह मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा. साथ ही, 1 नवंबर से इस श्रेणी की मात्रा को 3.6 मिलियन टन से घटाकर 3.2 मिलियन टन कर दिया गया है.

निजी मिलों को नहीं मिलेगी अनुमति

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निजी मिलों को ‘भारत’ ब्रांड के आटे और चावल की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी. केवल नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार जैसे केंद्रीय सहकारी संस्थान ही इसकी बिक्री कर सकेंगे. हालांकि, सरकार ने 1 जुलाई से इन संस्थानों को प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड (PSF) के तहत मिलने वाली 200 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता बंद कर दी है.

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