मखाने की खेती करने वालों को बिहार सरकार का तोहफा, बीज पर मिल रही 75% सब्सिडी, जानें क्या है लास्ट डेट
बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है मखाना बीज वितरण योजना है. इस योजना का मकसद मखाना की खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आमदनी में इजाफा करना है. इच्छुक किसान 15 जनवरी तक बिहार एग्रीकल्चर ऐप या उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.
बिहार का मखाना अब सिर्फ राज्य या देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे ग्लोबल लेवल पर एक सुपर फूड के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है. बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने में जुटी हैं. इसी कड़ी में बिहार कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है मखाना बीज वितरण योजना है. इस योजना का मकसद मखाना की खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आमदनी में इजाफा करना है. इच्छुक किसान 15 जनवरी तक बिहार एग्रीकल्चर ऐप या उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं.
क्या है मखाना बीज वितरण योजना?
मखाना बीज वितरण योजना के तहत किसानों को उन्नत किस्म के मखाना बीज सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएंगे. ये बीज बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किस्में हैं, जिनमें स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 शामिल हैं. योजना को राज्य के 10 जिलों में लागू किया जा रहा है.
किन जिलों के किसान उठा सकते हैं लाभ?
इस योजना का लाभ बिहार के जिन जिलों के किसान उठा सकते हैं. उनमें शामिल है कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया. इसके अलावा पात्रता सूची में सीतामढ़ी जिला भी शामिल है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
सरकार की ओर से मखाना की सिफारिश की गई किस्मों के बीज 30 किलो प्रति हेक्टेयर की रेट से दिए जाएंगे. स्वर्ण वैदेही किस्म पर किसानों को 4,950 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जो कुल लागत का 75 प्रतिशत है. वहीं सबौर मखाना-1 किस्म पर 5,737.50 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, यह भी 75 प्रतिशत सहायता के बराबर है.
कौन किसान कर सकता है आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले किसान को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. आवेदक का किसान होना जरूरी है और उसके पास न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 10 एकड़ (4 हेक्टेयर) कृषि भूमि होनी चाहिए. किसान का DBT पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है. महिला किसानों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 30 फीसदी लाभार्थी महिलाएं होंगी. खास बात ये भी है कि योजना का लाभ रैयत किसान भूमि दस्तावेज के आधार पर ले सकते हैं. वहीं गैर-रैयत किसान कॉन्ट्रैक्ट फॉर्म के आधार पर इस योजना के पात्र होंगे.
कैसे करें आवेदन?
सबसे पहले किसान को DBT पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. आधार नंबर से OTP या बायो-ऑथ के जरिए सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद किसान की भूमि, बैंक खाते और केसीसी से जुड़ी जानकारी भरनी होगी.
रजिस्ट्रेशन के 48 घंटे बाद, 13 अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने पर किसान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन पूरा होने पर एक एप्लिकेशन नंबर जनरेट होगा, जिसे फ्यूचर के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है.
कौन से दस्तावेज जरूरी?
DBT रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक), पासपोर्ट साइज फोटो, भूमि विवरण और बैंक खाते की जानकारी जरूरी है. योजना के आवेदन के समय पासपोर्ट साइज फोटो, भूमि स्वामित्व या राजस्व रसीद और गैर-रैयत किसानों के लिए कॉन्ट्रैक्ट फॉर्म देना होगा.
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