ऑटोमैटिक कार का गियर जाम हो जाए तो घबराएं नहीं, ये आसान उपाय आएंगे काम; जानें कैसे

ऑटोमैटिक कार में गियर जाम होना आम समस्या है, लेकिन सही जानकारी से घबराहट दूर की जा सकती है. ये जानना जरूरी है कि पार्क मोड से गियर बाहर न आने पर ब्रेक लाइट जांच, शिफ्ट लॉक रिलीज का उपयोग, ढलान पर दबाव कम करने के तरीके और इलेक्ट्रॉनिक रीबूट कैसे मदद करता है.

ऑटोमैटिक कार गियर जाम Image Credit: AI/canva

Automatic car gear jam: अक्सर ऑटोमैटिक कार चलाने वाले लोग उस वक्त परेशान हो जाते हैं, जब अचानक गियर लीवर अपनी जगह से हिलता ही नहीं है. पार्क मोड से गियर बाहर नहीं आता और कार स्टार्ट होकर भी चलने की स्थिति में नहीं रहती. लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है. नीचे दिए गए आसान और काम के टिप्स आपको बताएंगे कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

गियर ‘पार्क’ से बाहर नहीं आ रहा

सबसे पहले अपनी कार की ब्रेक लाइट जरूर चेक करें. अगर ब्रेक लाइट नहीं जल रही है, तो कार का सिस्टम यह नहीं समझ पाता कि आपने ब्रेक दबाया है. ऐसे में सेफ्टी फीचर एक्टिव रहता है और गियर लॉक हो जाता है. कई बार सिर्फ ब्रेक स्विच खराब होने की वजह से भी गियर जाम हो जाता है.

शिफ्ट लॉक रिलीज का सही इस्तेमाल

ज्यादातर ऑटोमैटिक कारों में गियर लीवर के पास एक छोटा सा स्लॉट दिया होता है, जिसे शिफ्ट लॉक रिलीज या मैनुअल ओवरराइड कहा जाता है. इस स्लॉट में चाबी या स्क्रूड्राइवर डालकर हल्का सा दबाएं और गियर को न्यूट्रल में ले आएं. यह एक इमरजेंसी फीचर होता है, जिससे जरूरत पड़ने पर कार को हटाया जा सकता है.

ढलान पर फंसी कार का समाधान

अगर कार ढलान पर खड़ी थी और अब गियर जाम हो गया है, तो इसकी वजह ट्रांसमिशन पर पड़ा अतिरिक्त दबाव हो सकता है. ब्रेक दबाकर कार को हल्का सा आगे-पीछे हिलाएं. इससे ट्रांसमिशन का दबाव कम होता है और कई बार गियर अपने आप फ्री हो जाता है.

चलती कार एक ही गियर में अटक जाए

अगर कार चलते वक्त दूसरे या तीसरे गियर से ऊपर नहीं जा रही है, तो इसे लिम्प मोड कहा जाता है. यह कोई खराबी नहीं, बल्कि कार का सेफ्टी सिस्टम होता है. जब सिस्टम को किसी बड़ी गड़बड़ी का अंदेशा होता है, तो गियरबॉक्स को नुकसान से बचाने के लिए कार लिम्प मोड में चली जाती है.

इलेक्ट्रॉनिक रीबूट का आसान तरीका

कार को सुरक्षित जगह पर रोकें, इंजन बंद करें, करीब एक मिनट रुकें और फिर दोबारा स्टार्ट करें. कई बार सेंसर या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की छोटी दिक्कत इस तरीके से अपने आप ठीक हो जाती है. अगर कभी कार में किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक समस्या आए, तो यह तरीका जरूर आजमाएं.

गियर ऑयल यानी एटीएफ की जांच जरूरी

गंदा या कम गियर ऑयल ऑटोमैटिक गियर की कई समस्याओं की जड़ होता है. भले ही कंपनियां गियर ऑयल को लाइफटाइम बताती हों, लेकिन समय के साथ ऑयल की क्वालिटी खराब हो सकती है. हर सर्विस में और खासकर एक लाख किलोमीटर कार चलने के बाद गियर ऑयल का लेवल और उसकी कंडीशन जरूर चेक करवानी चाहिए. इसे कभी खराब न होने वाला मानना सबसे बड़ी गलती होती है.

जरूरी सलाह

अगर इन सभी तरीकों के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो बिना देर किए किसी भरोसेमंद मैकेनिक से संपर्क करें. समय पर जांच और सही मरम्मत से कार की उम्र और परफॉर्मेंस दोनों बेहतर रहती हैं.

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