ब्रेक से लेकर इंजन तक, कार की ये अहम बातें जानना हर ड्राइवर के लिए जरूरी; 99% लोग हैं अनजान
देश में अधिकतर कार मालिक अपनी कार की जरूरी तकनीकी जानकारी से अनजान हैं. ब्रेक पैड, सर्विस शेड्यूल, सस्पेंशन, इंजन लाइफ, गियर ऑयल, वार्निंग लाइट और क्लच जैसी अहम बातें नजरअंदाज की जाती हैं. सही समय पर मेंटेनेंस न होने से खर्च बढ़ता है और सेफ्टी रिस्क पैदा होता है. समय पर सर्विस, ऑयल चेंज और पार्ट्स की जांच से कार की परफॉर्मेंस और उम्र दोनों बढ़ती हैं.
Car Maintenance Tips: देश में करोड़ों लोग रोजाना कार चलाते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि करीब 99 फीसदी कार मालिकों को अपनी कार से जुड़ी कई बेहद जरूरी जानकारियां पता ही नहीं होतीं. अक्सर लोग सिर्फ माइलेज, लुक और सर्विस बिल पर ध्यान देते हैं, जबकि कार की लंबी उम्र, सेफ्टी और परफॉर्मेंस इन्हीं तकनीकी बातों पर निर्भर करती है. जानकारी की कमी के कारण कई बार छोटी समस्या बड़ा खर्च बन जाती है और कभी-कभी सेफ्टी रिस्क भी पैदा हो जाता है. आइए जानते हैं उन अहम जानकारियों के बारे में, जिन्हें हर कार मालिक को जरूर समझना चाहिए.
ब्रेक पैड की मोटाई कितनी बची है
ब्रेक पैड आपकी कार की सेफ्टी का सबसे अहम हिस्सा होते हैं. आमतौर पर ब्रेक पैड की लाइफ 30,000 से 50,000 किलोमीटर तक होती है, लेकिन यह ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करती है. अगर ब्रेक लगाते समय आवाज आने लगे या ब्रेकिंग कमजोर महसूस हो, तो तुरंत जांच जरूरी है. ब्रेक पैड की मोटाई 3 मिलीमीटर से कम होते ही उन्हें बदल देना चाहिए, वरना डिस्क को नुकसान पहुंच सकता है.
सर्विस शेड्यूल क्या है
कई लोग सर्विस तभी कराते हैं, जब कोई दिक्कत सामने आती है. जबकि हर कार कंपनी एक तय सर्विस शेड्यूल देती है, जैसे 10,000 किलोमीटर या 1 साल में एक बार. समय पर सर्विस न कराने से इंजन ऑयल, फिल्टर और अन्य पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे कार की उम्र कम हो जाती है.
सस्पेंशन कब बदलना चाहिए
सस्पेंशन सिस्टम कार की राइड क्वालिटी और कंट्रोल के लिए बेहद जरूरी होता है. आमतौर पर सस्पेंशन 70,000 से 1,00,000 किलोमीटर तक चल सकता है. अगर गाड़ी उबड़-खाबड़ रास्तों पर ज्यादा उछलने लगे, स्टेयरिंग में वाइब्रेशन आए या टायर असमान रूप से घिसने लगें, तो यह सस्पेंशन खराब होने का संकेत हो सकता है.
इंजन कितने लाख किलोमीटर चलता है
अधिकांश आधुनिक कारों का इंजन सही रखरखाव के साथ 2 से 3 लाख किलोमीटर तक आराम से चल सकता है. समय पर ऑयल चेंज, सही ड्राइविंग आदतें और नियमित सर्विस इंजन की उम्र को काफी बढ़ा देती हैं. लापरवाही बरतने पर इंजन जल्दी जवाब दे सकता है.
गियर ऑयल की लाइफ कितनी है
बहुत से लोग गियर ऑयल को नजरअंदाज कर देते हैं. मैनुअल कार में गियर ऑयल आमतौर पर 40,000 से 60,000 किलोमीटर में बदलना चाहिए, जबकि ऑटोमैटिक कार में यह अंतर अलग हो सकता है. खराब गियर ऑयल से गियर शिफ्टिंग में दिक्कत आ सकती है और महंगा रिपेयर कराना पड़ सकता है.
वार्निंग लाइट का मतलब क्या होता है
डैशबोर्ड पर जलने वाली वार्निंग लाइट्स को कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं. इंजन चेक लाइट, ऑयल प्रेशर लाइट या बैटरी लाइट किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती हैं. इन्हें अनदेखा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है.
क्लच कब बदलना चाहिए
क्लच की लाइफ आमतौर पर 50,000 से 80,000 किलोमीटर तक होती है. अगर क्लच फिसलने लगे, गियर बदलते समय झटका आए या पिकअप कम हो जाए, तो समझ लेना चाहिए कि क्लच बदलने का समय आ गया है.
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