Budget 2026 News LIVE: इनसॉल्वेंसी मामलों में तेजी लाने के लिए NCLT इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग
Union Budget 2026-27 LIVE Updates in Hindi: भारतीय अर्थव्यवस्था पर सरकार की हेल्थ रिपोर्ट, इकोनॉमिक सर्वे 2026 को 29 जनवरी को संसद में पेश किया गया. इकोनॉमिक सर्वे 2026 के अनुसार, मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स और कई रेगुलेटरी सुधारों के कारण FY27 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8-7.2% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
Summary
- इनसॉल्वेंसी मामलों को तेज करने के लिए IBC को मजबूत बनाए सरकार
- Budget 2026: सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड
- Budget 2026: ब्रीफकेस से लेकर टैबलेट तक बजट का सफर
- Budget 2026: क्रिप्टो इंडस्ट्री को बजट से है ये उम्मीद
- Budget 2026: 1 फरवरी को क्यों पेश होता है बजट?
Live Coverage
-
इनसॉल्वेंसी मामलों को तेज करने के लिए IBC को मजबूत बनाए सरकार
केंद्रीय बजट से पहले इनसॉल्वेंसी मामलों को लेकर एक अहम सवाल फिर सामने आया है. इनसॉल्वेंसी मामलों में केस में लगातार हो रही देरी को लेकर Shardul Amarchand Mangaldas & Co. के नेशनल प्रैक्टिस हेड अनीप रावत का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह NCLT में सुविधाओं और बेंचों की कमी है. ANI को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर सरकार IBC को मजबूत बनाना चाहती है, तो बजट में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना होगा. ज्यादा बेंच होंगी तो केस तेजी से निपटेंगे, कंपनियों के अटके फैसले जल्दी होंगे और बैंकों का पैसा समय पर वापस आ सकेगा. इससे न सिर्फ सिस्टम तेज होगा, बल्कि आम निवेशक और नौकरीपेशा लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा कि कानून समय पर काम कर रहा है.
-
Budget 2026: सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड
वक्त के साथ बजट पेश करने के अंदाज में भी बदलाव आया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2020 में समय के लिहाज से सबसे लंबा बजट भाषण दिया था. यह भाषण 2 घंटे 42 मिनट तक चला था. वहीं शब्दों के हिसाब से सबसे लंबा बजट भाषण पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने साल 1991 में दिया था. उनके ऐतिहासिक बजट भाषण में करीब 18,650 शब्द थे, जिसे अब तक का सबसे विस्तृत बजट भाषण माना जाता है.
-
Budget 2026: ब्रीफकेस से लेकर टैबलेट तक बजट का सफर
70 साल से ज्यादा समय तक भारत का बजट एक लाल ब्रीफकेस में लेकर जाया जाता था. यह परंपरा ब्रिटेन से ली गई थी. लेकिन साल 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पुरानी परंपरा को तोड़ा और बजट को एक सुंदर बही-खाता (लाल रंग की पारंपरिक लेखा-बही) में लेकर आईं.
फिर 2021 में कोरोना की वजह से बजट कागज पर नहीं छपा, पूरी तरह डिजिटल हो गया. लेकिन तब भी डिजिटल टैबलेट को उसी लाल बही-खाते जैसी खूबसूरत डिजाइन वाले केस में लेकर जाया गया. इस तरह पुरानी परंपरा और नई आधुनिकता का बहुत सुंदर मेल हुआ.
-
Budget 2026: क्रिप्टो इंडस्ट्री को बजट से है ये उम्मीद
पिछले कुछ सालों में नए-नए निवेश के विकल्प बहुत तेजी से आए हैं जिनमें क्रिप्टोकरेंसी सबसे ज्यादा चर्चित है और निवेशकों के बीच इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है. अभी क्रिप्टो पर कोई पूरा और स्पष्ट नियम-कानून नहीं बना है लेकिन ये पूरी तरह गैरकानूनी भी नहीं माने जाते. इसलिए बजट से बड़ी उम्मीद है कि क्रिप्टो और अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) पर साफ-साफ नियम आएंगे और टैक्स में कुछ राहत भी मिल सकती है. भारतीय कानून में VDA की परिभाषा ऐसी है कि कोई भी डिजिटल जानकारी, कोड, नंबर या टोकन जो क्रिप्टोग्राफिक तरीके से बना हो और जिसे खरीदा-बेचा, स्टोर किया या ट्रेड किया जा सके वो VDA कहलाता है जिसमें क्रिप्टोकरेंसी, NFT आदि शामिल हैं. अभी क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर 30 प्रतिशत फ्लैट टैक्स लगता है और हर ट्रांजेक्शन पर 1 प्रतिशत TDS भी कट जाता है लेकिन कोई लॉस एडजस्ट या डिडक्शन की सुविधा नहीं है.
-
Budget 2026: 1 फरवरी को क्यों पेश होता है बजट?
2017 से पहले बजट फरवरी के अंतिम दिन पेश होता था, लेकिन बजट को हर साल फरवरी के आखिरी दिन पेश करने की पुरानी परंपरा को 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बदल दिया. उन्होंने बजट 1 फरवरी को पेश किया. ऐसा करने का मुख्य कारण यह था कि नए वित्तीय साल की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है, इसलिए अधिकारियों को बजट को मंजूरी देने और उसे लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके.
-
Budget 2026: कैसे बदली बजट की टाइमिंग?
पहले केंद्रीय बजट को फरवरी के आखिरी दिन शाम 5 बजे पेश किया जाता था. इसका मकसद लंदन में मौजूद ब्रिटिश अधिकारियों के कार्य समय के साथ तालमेल बैठाना था. इस परंपरा को 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदल दिया. उन्होंने बजट को सुबह 11 बजे पेश करने की शुरुआत की, ताकि भारतीय अधिकारी उसी कार्यदिवस में बजट पर काम शुरू कर सकें. तब से लेकर अब तक बजट को सुबह 11 बजे पेश करने की परंपरा लगातार जारी है.
-
Budget 2026: वक्त के साथ कैसे बदला बजट का स्वरूप
1 फरवरी 2026 को संसद में पेश होने वाले बजट में देश की आर्थिक सेहत और भविष्य की दिशा तय होगी. आम नागरिकों से लेकर विशेषज्ञों तक, सभी की नजरें इस बजट पर टिकी हुई हैं. हालांकि बजट सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका इतिहास भी काफीदिलचस्प रहा है. कभी बजट दस्तावेज ब्रीफकेस में संसद लाए जाते थे, तो कभी पारंपरिक ‘बही-खाता’ में पेश किए गए. वहीं कुछ दौर ऐसे भी रहे, जब बजट की कॉपी को ‘ब्लू शीट’ कहा जाता था. समय के साथ बजट पेश करने का तरीका बदला है, लेकिन इसका महत्व हमेशा बना रहा है. बजट न केवल सरकार की आमदनी और खर्च का लेखा-जोखा पेश करता है, बल्कि यह देश की आर्थिक प्राथमिकताओं, नीतियों और भविष्य की विकास यात्रा का भी संकेत देता है.
