Air India पर संकट गहराया, ₹220 अरब के नुकसान के बाद फंड की तलाश; Tata Group और Singapore Airlines से कर दी ये डिमांड
Air India गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है, जहां वित्त वर्ष 31 मार्च 2026 तक कंपनी को 220 अरब रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. इस बड़े घाटे के बाद Air India ने Tata Group और Singapore Airlines से फंडिंग के लिए बातचीत शुरू की है. Boeing 787 Dreamliner दुर्घटना, पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने और मध्य पूर्व संघर्ष जैसे कई कारणों ने कंपनी के ऑपरेशंस को प्रभावित किया है.
Air India loss: भारत की प्रमुख विमानन कंपनी Air India इस समय गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है. वित्त वर्ष 31 मार्च 2026 तक कंपनी को 220 अरब रुपये (लगभग 2.4 अरब डॉलर) से अधिक का भारी नुकसान हुआ है, जो पहले के अनुमान से काफी ज्यादा है. यह घाटा ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी अपने विस्तार और पुनर्गठन के महत्वपूर्ण चरण में है. बढ़ती लागत, वैश्विक संकट और ऑपरेशनल चुनौतियों के बीच अब कंपनी ने अपने प्रमुख शेयरधारकों से वित्तीय सहायता मांगने का फैसला किया है, ताकि उसकी वित्तीय स्थिति को स्थिर किया जा सके.
शेयरधारकों से फंड जुटाने की तैयारी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Air India ने अपने प्रमुख निवेशकों Tata Group और Singapore Airlines से कैपिटल निवेश को लेकर बातचीत शुरू कर दी है. Tata Group कंपनी का कंट्रोलिंग शेयरधारक है, जबकि Singapore Airlines के पास 25.1 फीसदी हिस्सेदारी है. ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि निवेश की राशि पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन यह कंपनी की कुल जरूरत से कम हो सकती है. ऐसे में Air India को अतिरिक्त फंडिंग के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार करना पड़ सकता है.
घाटे के पीछे ये बड़े कारण
कंपनी के भारी नुकसान के पीछे कई वैश्विक और ऑपरेशनल कारण रहे हैं. जून 2025 में Boeing 787 Dreamliner की एक बड़ी दुर्घटना, जिसमें 240 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, ने एयरलाइन की सर्विस को प्रभावित किया. इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस बंद किए जाने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट लंबे और महंगे हो गए. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भी कंपनी के ऑपरेशंस पर असर डाला, क्योंकि इस क्षेत्र में उसकी बड़ी हिस्सेदारी है. साथ ही, बढ़ती ईंधन कीमतों ने लागत को और बढ़ा दिया.
प्रबंधन और प्रदर्शन पर भी सवाल
Air India की आंतरिक स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के CEO Campbell Wilson ने इस साल के अंत तक पद छोड़ने का संकेत दिया है. वहीं, हालिया सुरक्षा ऑडिट में एयरलाइन को सबसे खराब रैंकिंग मिली, जिससे उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है. कंपनी की महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं के बावजूद, सर्विस क्वालिटी और रेवेन्यू में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है.
आगे की राह क्या होगी?
Air India के लिए आने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. कंपनी को न केवल अपने घाटे को कम करना होगा, बल्कि ऑपरेशंस में सुधार और लागत नियंत्रण पर भी ध्यान देना होगा. Tata Group और Singapore Airlines का संभावित निवेश कंपनी के लिए राहत दे सकता है, लेकिन लॉन्गटर्म स्थिरता के लिए मजबूत रणनीति जरूरी होगी. अगर कंपनी इन चुनौतियों से पार पाती है, तो वह भारतीय एविएशन सेक्टर में अपनी स्थिति को फिर से मजबूत कर सकती है.
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