हवाई सफर होगा महंगा! 10% बढ़ोतरी के बाद ₹115 प्रति लीटर हुआ ATF, बढ़ने वाली है टिकटों की कीमतें?

हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है. प्राइस स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट के तहत घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ 115 रुपये प्रति लीटर हो गया है. बढ़ी लागत का असर आने वाले दिनों में हवाई किरायों पर पड़ सकता है.

Air Fares May Rise amid ATF Price Hike : देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है. Oil Marketing Company (OMCs) ने मंगलवार को विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल-ATF की कीमतों में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है. सरकार की नई ‘प्राइस स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट’ स्कीम के तहत एयरलाइंस कंपनियों को अगले तीन वर्षों तक एटीएफ (ATF) निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा.

ATF की नई कीमत 115 रुपये प्रति लीटर

नई व्यवस्था के तहत घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ (ATF) की कीमत 105 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 115 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. किसी भी एयरलाइन के संचालन पर आने वाली कुल लागत का लगभग 40 फीसदी हिस्सा एटीएफ यानी विमान ईंधन पर खर्च होता है. ऐसे में हवाई ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से एयरलाइंस की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ जाएगी. बढ़े हुए खर्च की भरपाई के लिए एयरलाइंस कंपनियां हवाई किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं.

बढ़ सकती हैं हवाई टिकटों की कीमतें

ईंधन की कीमत बढ़ने, रुपये की कमजोरी और अन्य ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने के कारण एयरलाइंस टिकटों के दाम बढ़ा सकती हैं. हाल के दिनों में मांग में कमी के कारण कई एयरलाइंस उड़ानों की संख्या भी घटा रही हैं, जिससे किराए पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है.

सरकार की नई योजना से मिलेगी स्थिरता

सरकार ने हाल ही में 10,000 करोड़ रुपये की ‘प्राइस स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट’ स्कीम की घोषणा की है. इस योजना में शामिल होने वाली भारतीय एयरलाइंस को अगले तीन वर्षों तक तय कीमत पर ईंधन मिलेगा. यदि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो सरकार तेल कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम सहायता देकर अंतर की भरपाई करेगी. हालांकि, यह योजना वैकल्पिक होगी और इसमें शामिल न होने वाली एयरलाइंस को बाजार आधारित कीमत चुकानी होगी, जो मौजूदा वक्त में 142 रुपये प्रति लीटर है.

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