अक्षय तृतीया पर सोना बना धन कुबेर, 1 साल में 60% का दिया रिटर्न, क्‍या इस बार टूटेगा 5 साल का रिकॉर्ड

Akshaya Tritiya से पहले सोने ने 1 साल में बंपर रिटर्न देकर निवेशकों को शानदार फायदा पहुंचाया है. रिकॉर्ड हाई से गिरावट के बावजूद एक्सपर्ट इसे खरीदारी का मौका मान रहे हैं, जबकि ग्लोबल फैक्टर्स सोने को सपोर्ट दे रहे हैं. ऊंची कीमतों के चलते खरीदारी का ट्रेंड बदला है, लेकिन त्योहार और निवेश के कारण गोल्ड की डिमांड अब भी बनी हुई है.

gold returns on Akshay Trirhiya Image Credit: canva/AI image

Gold Returns on Akshaya Tritiya: भारत में सोना सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है धनतेरस के बाद सबसे ज्‍यादा सोने की खरीदारी Akshaya Tritiya पर होती है. इस दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. यही वजह है कि हर साल इस मौके पर सोने की खरीदारी में उछाल देखने को मिलता है. अक्षय तृतीया हर साल निवेशकों के लिए धन कुबेर साबित होता है, यही वजह है कि उन्‍हें बंपर रिटर्न मिलता है. अब देखना होगा कि ये ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा या नहीं.

कितना दिया रिटर्न?

इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 है. सोने की कीमतों में इससे पहले से ही तेजी देखने को मिल रही है. बुलियन वेबसाइट पर सोना 152,210 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कल, 13 अप्रैल को कारोबार करता नजर आया. पिछले अक्षय तृतीया (अप्रैल 2025) से अब तक सोने की कीमतों में बंपर उछाल से इसने करीब 60% का रिटर्न दिया है. यह लगातार 5वां साल था जब सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया. इससे पहले साल 2024 से 2025 के बीच इसने 30% से 33% का रिटर्न दिया है. वहीं साल 2023 से 2024 के बीच 18% से 20% का रिटर्न दिया है. इस दौरान गोल्ड ने खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद निवेश विकल्प साबित किया है. यानी जिन्होंने पिछले साल सोना खरीदा था, उनकी निवेश वैल्यू में बड़ा इजाफा हुआ है.

साल (अक्षय तृतीया)सोने की कीमत (₹/10 ग्राम)रिटर्न (%)
2021 → 2022₹47,000 → ₹51,000+8% से 9%
2022 → 2023₹51,000 → ₹60,000+17% से 18%
2023 → 2024₹60,000 → ₹72,000+18% से 20%
2024 → 2025₹72,000 → ₹96,000+30% से 33%
2025 → 2026₹96,000 → ₹1,50,000+55% से 60%

रिकॉर्ड हाई के बाद करेक्शन

जनवरी 2026 में सोना ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था. लेकिन इसके बाद कीमत गिरकर ₹1.50 लाख के आसपास आ गई. यानी इसमें करीब ₹30,000 (16%) की गिरावट दर्ज की गई है. सोने में यह गिरावट मुनाफावसूली, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई की चिंताओं के कारण आई है. मगर जानकारों के मुताबिक ये गिरावट ही खरीदारी का मौका है.

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ग्लोबल फैक्टर दे रहे सपोर्ट

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं. जिनमें वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालात, केंद्रीय बैंकों की लगातार गोल्ड खरीदारी, महंगाई और करेंसी में उतार-चढ़ाव, साथ ही डॉलर और ब्याज दरों का असर शामिल है.

अक्षय तृतीया से पहले मांग का ट्रेंड

इस बार बाजार में थोड़ा अलग ट्रेंड देखने को मिल रहा है. ऊंची कीमतों की वजह से आम ग्राहकों की खरीदारी सीमित है. हल्की ज्वेलरी की डिमांड ज्यादा है. वहीं गोल्ड कॉइन और बार में लोग ज्‍यादा दिलचस्‍पी दिखा रहे हैं. ज्वेलर्स भी इस बार ज्यादा स्टॉक नहीं बना रहे हैं. फिर भी, त्योहार और निवेश दोनों कारणों से डिमांड अभी भी बनी हुई है.