5th जेनरेशन फाइटर प्लेन बनाएंगी भारतीय कंपनियां, Tata, L&T और Bharat Forge को मिला ग्रीन सिग्नल
भारत के स्वदेशी फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट AMCA को लेकर बड़ा मुकाबला शुरू हो गया है. रक्षा मंत्रालय ने Tata Advanced Systems, L&T और Bharat Forge को RFP जारी किया है. परियोजना के तहत 30 महीनों में पहली उड़ान का लक्ष्य रखा गया है. एएमसीए को स्टील्थ और AI आधारित एडवांस्ड तकनीक से लैस किया जाएगा. भारतीय वायुसेना 7 स्क्वाड्रन शामिल करने की योजना बना रही है.
AMCA Project: भारत के स्वदेशी फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए को लेकर अब बड़ा मुकाबला शुरू हो गया है. रक्षा मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए निजी क्षेत्र की तीन बड़ी कंपनियों को औपचारिक रूप से प्रस्ताव भेज दिया है. इनमें Tata Advanced Systems, Larsen & Toubro यानी L&T और Bharat Forge शामिल हैं. यह पहली बार है, जब भारत के अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में निजी कंपनियां सीधे तौर पर नेतृत्व की दौड़ में शामिल हुई हैं. रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी यानी ADA के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों को समान अवसर दिए जाएंगे.
30 महीनों में पहली उड़ान का लक्ष्य
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी RFP यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल में बेहद सख्त समयसीमा तय की गई है. दस्तावेज के अनुसार, अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के 30 महीनों के भीतर एएमसीए प्रोटोटाइप की पहली उड़ान होनी चाहिए. इसके अलावा 84 महीनों के भीतर 1800 फ्लाइट टेस्ट पूरे करने होंगे, जिसके बाद ही विमान को बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए मंजूरी मिलेगी.
योजना के मुताबिक, पहला प्रोटोटाइप 2029 तक तैयार किया जाएगा और शुरुआती उड़ान में GE F414 इंजन का इस्तेमाल होगा. भारतीय वायुसेना इस परियोजना के तहत कुल 7 एएमसीए स्क्वाड्रन शामिल करने की योजना बना रही है. बड़े स्तर पर उत्पादन 2035 से शुरू होने की उम्मीद है. यह परियोजना भारत की एयर पावर क्षमता को पूरी तरह बदल सकती है.
नई कंपनी बनाना होगा अनिवार्य
RFP में सरकार ने कई सख्त नियम भी तय किए हैं. चयनित कंपनी को 3 महीनों के भीतर एक नई भारतीय कंपनी बनानी होगी, जो इस पूरे कार्यक्रम की आधिकारिक लीड कंपनी होगी. साथ ही विदेशी हिस्सेदारी केवल सीमित और निष्क्रिय निवेश तक ही रहेगी. कंपनी का नियंत्रण भारतीय नागरिकों के पास ही होना जरूरी होगा. सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है.
Tata, L&T और Bharat Forge की ताकत
इस रेस में शामिल तीनों कंपनियों की अपनी अलग विशेषज्ञता है. Tata Advanced Systems पहले ही Airbus के साथ गुजरात के वडोदरा में C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की असेंबली लाइन स्थापित कर चुकी है. वहीं L&T ने Bharat Electronics Limited के साथ साझेदारी की है, जबकि Bharat Forge ने BEML के साथ मिलकर बोली लगाई है. चयनित कंपनी ADA और DRDO के साथ मिलकर विमान डिजाइन, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और उत्पादन का काम करेगी.
स्टील्थ और AI तकनीक से लैस होगा एएमसीए
एएमसीए को मध्यम वजन वाले स्टील्थ फाइटर जेट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें एडवांस्ड लो-ऑब्जर्वेबल फीचर्स, सेंसर फ्यूजन और AI आधारित सिस्टम शामिल होंगे. रक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह विमान भविष्य के युद्धक्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है. इसे दुश्मन के अत्यधिक सुरक्षित एयरस्पेस में भी ऑपरेट करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है. सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया है.
आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर भी बनाया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पुट्टपर्थी दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में शामिल होगा, जहां से फिफ्थ जनरेशन लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे.
यदि एएमसीए परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास स्वदेशी फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट तकनीक होगी. इसके साथ ही यह परियोजना भारत के एयरोस्पेस सेक्टर, घरेलू सप्लाई चेन और हाई-स्किल रोजगार को भी नई दिशा दे सकती है.
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