अब क्‍या करेंगी मालविका हेगड़े? CCD ने कर दिया 425 करोड़ का डिफॉल्‍ट, क्‍या बचा पाएंगी पति की धरोहर

CCD यानी कॉफी कैफे डे की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. बैंकों, वित्तीय संस्थानों और गैर-सूचीबद्ध डेट सिक्योरिटीज से लिया गया कर्ज कंपनी के न चुका पाने से इसका मार्च तक कुल डिफॉल्‍ट बढ़ गया है, ऐसे में कंपनी इसे चुकाने की जद्दोजहद में लगी हुई है. कंपनी इन-दिनों नकदी संकट से जूझ रही है.

CCD की बढ़ी मुश्किलें! Image Credit: money9

CCD total default: कर्ज में फंसी कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (CDEL) यानी CCDकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कंपनी दोबारा मुसीबतों में घिर गई है. रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी ने 31 मार्च 2025 तक बैंकों, वित्तीय संस्थानों और गैर-सूचीबद्ध डेट सिक्योरिटीज जैसे NCDs और NCRPS से लिए गए कर्ज के ब्याज और मूलधन की अदायगी नहीं कर पाई है. जिसके चलते मार्च 2025 तक इसका कुल डिफॉल्‍ट अमाउंट बढ़कर 425.38 करोड़ रुपये हो गया है. इस डिफॉल्ट के चलते कर्जदाताओं ने कंपनी को ‘लोन रिकॉल’ नोटिस भेजे हैं. हालांकि कंपनी ने अपनी सफाई देते हुए एक नियामक अपडेट में कहा कि नकदी संकट के कारण कर्ज की अदायगी में देरी हुई है.

कंपनी की चेयरपर्सन मालविका हेगड़े पहले से ही अपने पति वीजी सिद्धार्थ की इस धरोहर को बचाने के लिए जी-जान से लगी हुई हैं. कंपनी को घाटे से उबारने और इसे फायदे में लाने के लिए वो पूरे प्‍लान के साथ आगे बढ़ रही हैं. उन्‍हें इसमें बीच में कामयाबी भी मिली थी. उन्‍होंने ग्लोबल विलेज टेक पार्क को ब्लैकस्टोन को 2,800 करोड़ में बेच दिया. इसके अलावा जो बिजनेस फायदे में नहीं थे, उन्हें बंद कर दिया. Q3FY24 में CCD का रेवेन्‍यू 257 करोड़ का था, जो Q3FY25 में 8.94% बढ़कर 280 करोड़ हो गया, लेकिन मालविका की ये कोशिशें पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाईं, क्‍योंकि कर्जदारों के बढ़ते दवाब के चलते कंपनी अभी भी मुश्किलों में फंसी हुई है. ऐसे में देखना होगा कि क्‍या वो अपने पति की इस कंपनी को कर्ज से उबार पाती हैं या नहीं.

डिफॉल्ट का पूरा हिसाब

CDEL ने 31 मार्च 2025 तक बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज या कैश क्रेडिट जैसे रिवॉल्विंग फंड्स के मूलधन की अदायगी में 174.83 करोड़ रुपये का डिफॉल्ट किया है. इसके अलावा इस पर 5.78 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान भी नहीं हो सका है. वहीं, गैर-सूचीबद्ध डेट सिक्योरिटीज जैसे नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर्स (NCRPS) पर बकाया डिफॉल्ट राशि 200 करोड़ रुपये है, साथ ही 44.77 करोड़ रुपये के ब्याज का भी डिफॉल्ट हुआ है.

कैसे मुसीबत में घिरी कंपनी?

कॉफी डे यानी CCD के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ पर काफी कर्ज था, जिसके चलते उन्‍होनें आत्‍महत्‍या कर ली थी. जुलाई 2019 में उनके देहांत के बाद कंपनी ने संपत्तियों के समाधान के जरिए कर्ज कम करने की कोशिश की. इस साल फरवरी में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कॉफी डे के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही को रद्द कर दिया था, लेकिन 8 अगस्त 2024 को बेंगलुरु की NCLT बेंच ने IDBI ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड (IDBITSL) की याचिका को स्वीकार किया, जिसमें 228.45 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का दावा किया गया. इसके बाद एक अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की नियुक्ति हुई, जो कर्ज में डूबी कंपनी के संचालन को देख रहा है. हालांकि, NCLAT ने 14 अगस्त 2024 को इस फैसले पर रोक लगा दी है.

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कर्ज चुकाने की जद्दोजहद

मार्च 2020 में CDEL ने ब्लैकस्टोन ग्रुप के साथ अपने टेक्नोलॉजी बिजनेस पार्क को बेचकर 13 कर्जदाताओं को 1,644 करोड़ रुपये चुकाए थे. इसके अलावा, कंपनी दिवंगत संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की निजी फर्म मैसूर अमालगमेटेड कॉफी एस्टेट्स लिमिटेड (MACEL) से कथित तौर पर निकाले गए 3,535 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है. बता दें कॉफी डे जो कभी देश की मशहूर कॉफी चेन थी, अब कर्ज के बोझ और कानूनी उलझनों में फंसती नजर आ रही है.

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