क्रूड 100 डॉलर के नीचे, युद्ध खत्म होने की उम्मीद से टूटा कच्चे तेल का भाव; ऑयल स्टॉक्स के सेंटीमेंट में सुधार
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान से निकल सकता है और संकेत दिया कि तेहरान के साथ कोई समझौता हो सकता है, लेकिन युद्ध खत्म होने के लिए यह जरूरी नहीं है. 1 अप्रैल को दोपहर 01:00 बजे IST पर, ब्रेंट क्रूड 100 प्रति बैरल से नीचे ट्रेड कर रहा था.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के खत्म होने की उम्मीद की बीच 1 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड 1.9 फीसदी तक बढ़ने के बाद 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया. जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) काफी हद तक बंद रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान से निकल सकता है और संकेत दिया कि तेहरान के साथ कोई समझौता हो सकता है, लेकिन युद्ध खत्म होने के लिए यह जरूरी नहीं है.
कितना घटा क्रूड का भाव?
1 अप्रैल को दोपहर 01:00 बजे IST पर, ब्रेंट क्रूड 100 प्रति बैरल से नीचे ट्रेड कर रहा था, जो ईरान युद्ध से जुड़ी खबरों के कारण 4 फीसदी नीचे था. ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी की गिरावट के साथ 99.88 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, WTI 4.15 फीसदी की गिरावट के साथ 97.17 डॉलर प्रति बैरल में ट्रेड कर रहा था.
दोनों देशों की अपनी-अपनी मांगे
मंगलवार को ओवल ऑफिस से बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि ईरान ‘डील करने की भीख मांग रहा है, लेकिन यह डील होती है या नहीं, यह अमेरिका के टाइमटेबल के लिए बेमानी है. इससे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि उनके देश में युद्ध को खत्म करने की जरूरी इच्छाशक्ति है, लेकिन उन्होंने भविष्य में किसी भी तरह की आक्रामकता को दोबारा होने से रोकने के लिए कुछ गारंटियों की मांग की.
ठप हो गई है क्रूड और गैस की सप्लाई
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं और महंगाई के संकट की आशंकाएं पैदा हो गई हैं. अगस्त 2022 के बाद पहली बार, US गैसोलीन की खुदरा कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है, जिससे संभवतः ट्रंप पर और अधिक दबाव पड़ेगा.
तेल से जुड़े शेयरों में तेजी
दोपहर के शुरुआती कारोबार में BPCL, HPCL, IOC जैसे OMC स्टॉक्स 2 फीसदी तक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में जबरदस्त तेजी देखने को मिली.
Nasdaq फ्यूचर्स 1% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि Dow Jones फ्यूचर्स 300 अंक ऊपर चढ़ गए. कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित होने वाले अन्य स्टॉक्स, जैसे Eternal और IndiGo, क्रमश 4 फीसदी और 8 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे.
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