HAL के खिलाफ एक्शन ले सकता है रक्षा मंत्रालय, तेजस फाइटर जेट की डिलीवरी में देरी के लिए लगा सकता है जुर्माना
अधिकारियों ने बताया कि डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट में आमतौर पर डिलीवरी के लिए तय समय-सीमा होती है और अगर उन्हें पूरा नहीं किया जाता है, तो 'लिक्विडेटेड डैमेज' (देरी के लिए जुर्माना) का प्रावधान लागू हो सकता है. HAL से अपने वादों और समय-सीमा को पूरा करने के लिए कहा गया है.
रक्षा मंत्रालय सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर तेजस Mk1A फाइटर एयरक्राफ्ट की सप्लाई में लगातार हो रही देरी के लिए जुर्माना लगाने पर विचार कर रहा है. TOI की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में इस मामले की समीक्षा की गई. अब तक भारतीय वायु सेना (IAF) को एक भी तेजस Mk1A नहीं सौंपा गया है.
लग सकता है लिक्विडेटेड डैमेज
सूत्रों के अनुसार, HAL को तेजस के लिए जनरल इलेक्ट्रिक (GE) एयरोस्पेस से कम से कम छह इंजन मिल चुके हैं. इसके साथ ही 18 विमानों का ढांचा भी तैयार है. हम GE की तरफ से इंजन की डिलीवरी में हुई देरी को समझ सकते हैं, लेकिन यह एक अलग मुद्दा है. हालांकि, चूंकि छह GE इंजन पहले ही आ चुके थे, इसलिए HAL को अब तक IAF को कम से कम छह विमान सौंप देने चाहिए थे. देरी के कारण लिक्विडेटेड डैमेज (LD) लगाया जा सकता है.’
डेडलाइन तक डिलीवरी पूरा करने को कहा गया
अधिकारियों ने बताया कि डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट में आमतौर पर डिलीवरी के लिए तय समय-सीमा होती है और अगर उन्हें पूरा नहीं किया जाता है, तो ‘लिक्विडेटेड डैमेज’ (देरी के लिए जुर्माना) का प्रावधान लागू हो सकता है. सूत्रों ने आगे कहा, ‘अगर HAL कुछ कमियों (एयर स्टाफ की जरूरी शर्तों) को पूरा कर लेता है, तो साल के आखिर तक कम से कम 18-24 LCA Mk1A एयरक्राफ्ट तैयार होने की उम्मीद है. HAL से अपने वादों और समय-सीमा को पूरा करने के लिए कहा गया है.’
HAL ने साइन किए हैं दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट
IAF ने HAL के साथ कुल 180 तेजस विमानों के लिए दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं. पहला 2021 में 83 जेट के लिए और दूसरा 2025 में 97 विमानों के लिए. इस साल की शुरुआत में HAL ने खुद Mk1A प्रोग्राम के लिए F404-IN20 इंजन की सप्लाई में देरी के कारण GE पर कॉन्ट्रैक्ट के तहत जुर्माना लगाया था.
Su-57 स्टील्थ एयरक्राफ्ट के लिए रूस के साथ बातचीत
फाइटर जेट खरीदने से जुड़ी व्यापक बातचीत, जिसमें रूस का भारत को Su-57 स्टील्थ एयरक्राफ्ट देने का प्रस्ताव भी शामिल है, पर सूत्रों का कहना है कि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है.
इंजन के लिए GE के साथ बातचीत
इसके अलावा, HAL एडवांस्ड GE-414 इंजन के लिए GE के साथ बातचीत कर रही है. उम्मीद है कि यह इंजन भारत के भविष्य के फाइटर जेट प्रोग्राम्स, जैसे कि एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) और अपग्रेडेड तेजस वेरिएंट्स को पावर देगा. सूत्रों ने बताया, ‘तकनीकी बातचीत पूरी हो चुकी है. कमर्शियल बातचीत चल रही है.’
उन्होंने आगे कहा कि GE-414 इंजन न सिर्फ तेजस Mk2 प्रोग्राम में, बल्कि AMCA के शुरुआती वर्जन में भी अहम भूमिका निभाएगा. AMCA के डेवलपमेंट के लिए RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) प्रोसेस के बारे में सूत्रों ने बताया कि टाइमलाइन आगे बढ़ रही है. AMCA के लिए RFP 10 दिन पहले जारी किया गया था. इसके लिए 60 दिन का समय है. जुलाई के आखिर तक जवाब आ जाने चाहिए. उसके बाद, बाकी प्रोसेस पूरी की जाएगी.
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