Demat Account Growth: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे डीमैट अकाउंट्स, लेकिन 6 साल में सबसे धीमी रही ग्रोथ

भारत में 2025 के अंत तक डीमैट अकाउंट्स की संख्या 21.59 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई, लेकिन नए अकाउंट खुलने की रफ्तार पिछले छह सालों में सबसे कम रही. CDSL और NSDL के आंकड़ों से साफ है कि कोविड के बाद आई तेजी अब धीरे-धीरे थमती नजर आ रही है.

डीमैट अकाउंट Image Credit: Canva, tv9

Demat Account Growth Slows: भारत में डीमैट अकाउंट की संख्या 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर जरूर पहुंच गई, लेकिन इसकी रफ्तार अब साफ तौर पर धीमी होती नजर आ रही है. सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड यानी CDSL और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि बीते साल के मुकाबले नए डीमैट अकाउंट खुलने की गति पिछले छह सालों में सबसे कम रही.

ऑल टाइम हाई पर था आंकड़ा

दिसंबर 2025 के अंत तक देश में कुल डीमैट अकाउंट की संख्या बढ़कर 21.59 करोड़ हो गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 18.53 करोड़ था. यानी एक साल में करीब 3.06 करोड़ नए डीमैट अकाउंट जुड़े. हालांकि, सालाना आधार पर ग्रोथ घटकर 16.5 फीसदी रह गई, जो 2019 के बाद सबसे धीमी बढ़ोतरी मानी जा रही है. इसकी तुलना करें तो 2024 में डीमैट अकाउंट्स में 4.60 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी, जो 2025 से काफी ज्यादा थी.

CDSL ने जोड़े सबसे ज्यादा अकाउंट्स

इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान CDSL का रहा. साल 2025 में CDSL में 2.62 करोड़ नए डीमैट अकाउंट जुड़े, जिससे इसके कुल अकाउंट्स की संख्या बढ़कर 17.28 करोड़ हो गई. यह सालाना आधार पर करीब 17.9 फीसदी की बढ़त है. वहीं, NSDL की बात करें तो इसमें 44 लाख यानी 0.44 करोड़ नए अकाउंट जुड़े. इसके साथ ही NSDL के कुल डीमैट अकाउंट्स की संख्या 4.32 करोड़ तक पहुंच गई, जो करीब 11.4 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है.

2020 के बाद दिखी थी तेजी

अगर पिछले कुछ सालों के ट्रेंड पर नजर डालें तो डीमैट अकाउंट ग्रोथ में धीरे-धीरे सुस्ती साफ दिखती है. दिसंबर 2019 में देश में कुल डीमैट अकाउंट्स की संख्या सिर्फ 3.94 करोड़ थी, जो 2020 में बढ़कर 4.98 करोड़ हो गई. इसके बाद 2021 में शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी और रिटेल निवेशकों की बाढ़ के चलते यह संख्या उछलकर 8.06 करोड़ पहुंच गई थी. उस साल ग्रोथ रेट 61.7 फीसदी रही थी, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. हालांकि, इसके बाद ग्रोथ की रफ्तार लगातार कम होती चली गई. 2022 में डीमैट अकाउंट ग्रोथ 34.3 फीसदी रही, 2023 में यह 28.7 फीसदी पर आ गई, जबकि 2024 में इसमें फिर से थोड़ी तेजी आई और ग्रोथ 33 फीसदी रही. लेकिन 2025 में एक बार फिर यह गिरकर 16.5 फीसदी पर पहुंच गई.

CDSL और NDSL के अकाउंट्स

CDSL के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर 2019 में इसके पास 1.97 करोड़ डीमैट अकाउंट थे, जो 2020 में बढ़कर 2.89 करोड़ हो गए. 2021 में यह संख्या तेजी से बढ़ते हुए 5.56 करोड़ पहुंची. इसके बाद 2022 में 7.79 करोड़, 2023 में 10.47 करोड़, 2024 में 14.65 करोड़ और 2025 में 17.28 करोड़ तक पहुंच गई. वहीं, NSDL में दिसंबर 2019 में 1.96 करोड़ डीमैट अकाउंट थे. 2020 में यह संख्या 2.09 करोड़, 2021 में 2.50 करोड़, 2022 में 3.04 करोड़, 2023 में 3.46 करोड़ और 2024 में 3.88 करोड़ रही. दिसंबर 2025 के अंत तक NSDL के डीमैट अकाउंट बढ़कर 4.32 करोड़ हो गए.

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