Gameskraft पर ED का बड़ा शिकंजा, बैंकों में जमा 526 करोड़ रुपये फ्रीज; जानें क्या है मामला

ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft Technologies Ltd के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 526 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज कर दी है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एजेंसी ने सोने के आभूषण और नकदी भी जब्त की है, जबकि कंपनी के 3 संस्थापकों को गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसी के अनुसार RummyCulture और अन्य रियल मनी गेम्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए वित्तीय अनियमितताओं और कथित अवैध धन की जांच की जा रही है.

ईडी छापेमारी Image Credit: Canva/ Money9

Gameskraft ED Raid: ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर की बड़ी कंपनी Gameskraft Technologies Ltd के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत एजेंसी ने 526 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि फ्रीज कर दी है. इसके अलावा करीब 3.5 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 11 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं. ईडी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत की गई है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने 7 मई से दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी, जो 13 मई तक चली. जांच एजेंसी के अनुसार कार्रवाई के दौरान बैंक डिपॉजिट, बॉन्ड और फिक्स्ड डिपॉजिट समेत कुल 526.49 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां फ्रीज की गई हैं.

कंपनी के तीन संस्थापक गिरफ्तार

रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में कंपनी के तीन संस्थापकों को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा शामिल हैं. एजेंसी का आरोप है कि कंपनी और उससे जुड़ी इकाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी से संबंधित कई पुलिस एफआईआर दर्ज थीं, जिनके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया.

सूत्रों के अनुसार ईडी अब कंपनी के वित्तीय लेनदेन, निवेश संरचना और कथित अवैध धन की विस्तृत जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां और किस तरीके से किया गया.

रियल मनी गेम्स चलाने का आरोप

ईडी अधिकारियों के मुताबिक RummyCulture और रम्मीटाइम जैसे कई ऑनलाइन रियल मनी गेम्स इस प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किए जाते थे. एजेंसी का कहना है कि कंपनी कथित तौर पर ऐसे गेमिंग प्लेटफॉर्म चला रही थी, जिनमें वास्तविक धन का लेनदेन शामिल था.

अगस्त 2025 में सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद से इस सेक्टर की कई कंपनियां जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. सरकार का तर्क था कि इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर वित्तीय अनियमितताओं, सट्टेबाजी और धोखाधड़ी की आशंका बढ़ रही थी.

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर बढ़ सकती है सख्ती

Gameskraft मामले में ईडी की यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है. आने वाले समय में अन्य कंपनियों की भी जांच तेज हो सकती है, खासकर उन प्लेटफॉर्म्स की, जहां रियल मनी ट्रांजैक्शन होते हैं. सरकार पहले ही ऑनलाइन बेटिंग और मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है. ऐसे में इस कार्रवाई को डिजिटल गेमिंग सेक्टर में नियामकीय सख्ती और वित्तीय निगरानी बढ़ने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

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