सोमवार को सोने की कीमतों को हवा दे सकते हैं ये 5 बड़े फैक्टर, इस कंपनी ने रिजर्व में जोड़ा 100 टन से ज्यादा गोल्ड

अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले से वैश्विक तनाव बढ़ा है जिससे सोने की कीमतों में तेजी की उम्मीद है. टेदर की बड़ी गोल्ड खरीद, कमजोर रुपया, तेल बाजार की अनिश्चितता और गोल्ड-सिल्वर रेशियो जैसे फैक्टर सोमवार को गोल्ड रेट को सपोर्ट दे सकते हैं. भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत 136,170 रुपये चल रही है.

गोल्ड Image Credit: canva

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में जियो-पॉलिटिकल तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर फिर से सुरक्षित निवेश विकल्पों, खासतौर पर सोने पर टिक गई है. 2025 में सोने ने करीब 70% की जोरदार तेजी दिखाई थी जो 1979 के बाद का सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन रहा है. अब नए साल की शुरुआत में भी बुलियन मार्केट फिर सुर्खियों में है. आइए समझते हैं वे 5 बड़े कारण, जो सोमवार को सोने की कीमतों को और मजबूत बना सकते हैं.

वेनेजुएला का गोल्ड रिजर्व

वेनेजुएला को दक्षिण अमेरिका में सबसे बड़े सोने के भंडार वाला देश माना जाता है. उसके पास अनुमानित करीब 161 मीट्रिक टन सोना है जिसकी मौजूदा कीमत करीब 22 अरब डॉलर आंकी जाती है. इस क्षेत्र में अस्थिरता से गोल्ड सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है, जो कीमतों को सपोर्ट दे सकती है.

कच्चे तेल की कीमतें और जियो-पॉलिटिक्स

2026 के पहले कारोबारी दिन ब्रेंट क्रूड 61 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहा, लेकिन ओपेक देशों में तनाव और वेनेजुएला संकट ने एनर्जी मार्केट में जोखिम बढ़ा दिया है. तेल से जुड़ी अनिश्चितता अक्सर महंगाई और सोने की कीमतों को ऊपर धकेलती है. ऐसे में यह फैक्टर भी सोने के फेवर में काम कर सकता है.

गोल्ड-सिल्वर रेशियो का संकेत

हालिया उतार-चढ़ाव के बाद गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 60 पर पहुंच गया है. यह संकेत देता है कि चांदी ओवरबॉट जोन में है, जबकि सोने में अभी और मजबूती की गुंजाइश बनी हुई है. ऐसे में निवेशकों का झुकाव फिर से गोल्ड की तरफ बढ़ सकता है.

Tether की सोने में बड़ी खरीद

डिजिटल फाइनेंस की दिग्गज कंपनी Tether द्वारा सोने की आक्रामक खरीद भी बाजार का ध्यान खींच रही है. लाइव मिंट के मुताबिक, टेदर ने 100 टन से ज्यादा सोना अपने रिजर्व में जोड़ा है, जो उसके गोल्ड-बैक्ड टोकन से जुड़ा नहीं है. इससे साफ है कि बड़ी कॉरपोरेट्स भी अब सोने को रणनीतिक रिजर्व एसेट के तौर पर देख रही हैं.

भारतीय रुपये की कमजोरी भी सपोर्ट फैक्टर

2025 में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 5% टूटा, जो 2022 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. कमजोर रुपया आमतौर पर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को और महंगा बनाता है.

भारत में सोने की कीमत

भारतीय बाजार की बात करें तो 2 जनवरी को MCX पर 10 ग्राम सोने की कीमत 1,35,752 रुपये दर्ज की गई जबकि बुलियन बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 136,170 रुपये चल रही है.

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