GDP: चौथी तिमाही में 7.8%की दर से बढ़ी इकोनॉमी, सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग ने संभाला, जानें कृषि का हाल

भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.8 फीसदी रही, जो पिछली तिमाही के 8 फीसदी से थोड़ी कम है. हालांकि पूरे वित्त वर्ष के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने यह अनुमान फरवरी के 7.6 फीसदी के पूर्वानुमान से बेहतर बताया है.

GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.8 फीसदी रही. Image Credit: Money9live

GDP Q4 Data: देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मामूली रूप से घटकर 7.8 फीसदी रही, जो पिछली तिमाही में 8 फीसदी थी. हालांकि इस हल्की सुस्ती के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर 7.7 फीसदी रहने का अनुमान है. यह फरवरी में जारी 7.6 फीसदी के अनुमान से बेहतर है. ताजा आंकड़े दिखाते हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनी हुई है.

सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग ने दिखाया दम

ताजा GVA (Gross Value Added) आंकड़ों के अनुसार 2025-26 (प्रारंभिक अनुमान) में भारतीय अर्थव्यवस्था का रियल GVA 7.9% की दर से बढ़कर ₹294.9 लाख करोड़ पर पहुंचने का अनुमान है. इकोनॉमी में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र (Tertiary Sector) का रहा है, उसके बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने बेहतर परफॉर्म किया है.

सेक्टर2024-25 (₹ करोड़)2025-26 (₹ करोड़)वृद्धि दर (%)
प्राथमिक क्षेत्र (Primary)56,64,10058,46,6453.2
द्वितीयक क्षेत्र (Secondary)74,48,19281,00,5348.8
तृतीयक क्षेत्र (Tertiary)1,42,24,2021,55,43,9109.3
कुल GVA2,73,36,4952,94,91,0887.9

कृषि क्षेत्र की रफ्तार सबसे कम

FY26 के आंकड़ों से साफ कि भारत की आर्थिक वृद्धि अब सेवा क्षेत्र और मैन्युफैक्चरिंग आधारित होती जा रही है. कुल GVA में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 54 फीसदी और मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी हो गई है. जबकि कृषि का योगदान लगभग 18 फीसदी रह गया है. हालांकि, कृषि क्षेत्र की धीमी वृद्धि चिंता का विषय है क्योंकि देश की बड़ी आबादी आज भी इसी क्षेत्र पर निर्भर है. दूसरी ओर, IT, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था को उच्च विकास दर बनाए रखने में मदद कर रही है. इस दौरान प्राथमिक क्षेत्र की ग्रोथ केवल 3.2 फीसदी रही है. कृषि, पशुपालन, वानिकी और मत्स्य पालन की वृद्धि 3 फीसदी पर सीमित रही, जबकि खनन क्षेत्र ने 5.2 फीसदी की ग्रोथ हुई है.

सेक्टरFY26 वृद्धि (%)
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां3.0
खनन एवं उत्खनन5.2

तस्वीर में देखिए कैसी चल रही है इकोनॉमी की चाल

चौथी तिमाही में कैसी है ग्रोथ

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार रियल GDP में 7.8% और नॉमिनल GDP में 9.1% की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, रियल GVA 7.9% और नॉमिनल GVA 9.9% बढ़ने का अनुमान है. मैन्युफैक्चरिंग, निर्माण गतिविधियों, वित्तीय सेवाओं, आईटी, व्यापार, परिवहन और पर्यटन में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है.

  • चौथी तिमाही में ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (GFCF) में 10.8% की तेज ग्रोथ दर्ज की गई है. यह बताता है कि निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय बढ़ा है.
  • इसी तरह प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PFCE) 7.1% बढ़ा है. इसका मतलब है कि उपभोक्ता मांग भी मजबूत बनी हुई है, जो आर्थिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत है. हालांकि युद्ध और बढ़ती महंगाई का असली असर पहली तिमाही के आंकड़ों से सामने आएगा.