सोने-चांदी ने फिर बनाया रिकॉर्ड, सिल्वर में आई ₹15000 की तेजी; ₹1.44 लाख के ऊपर निकला गोल्ड

दिल्ली के सराफा बाजार में सोमवार, 12 जनवरी को सोने और चांदी के दामों ने नया रिकॉर्ड बनाया. चांदी 15000 रुपये प्रति किलो और सोना 2.05 फीसदी की तेजी के साथ नए रेट पर पहुंच गए हैं. बढ़ती जियोपॉलिटिकल अस्थिरता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित किया.

गोल्ड-सिल्वर रेट Image Credit: @Canva/Money9live

Gold and Silver Price All Time High: राजधानी दिल्ली में सोमवार, 12 जनवरी को कीमती धातुओं के बाजार में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली. चांदी ने 15,000 रुपये की तेज बढ़त दर्ज करते हुए 2,65,000 रुपये प्रति किलो का नया शिखर छू लिया, जबकि सोने का भाव भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. यह उछाल पिछले बंद भावों की तुलना में क्रमशः 6 फीसदी और 2.05 फीसदी की बढ़ोतरी को दर्शाता है. All India Sarafa Association के अनुसार, यह रेट सभी करों सहित हैं. इस तेजी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखाई दिया, जहां सोने ने पहली बार USD 4,600 प्रति औंस का स्तर पार किया, जबकि चांदी ने USD 84.61 प्रति औंस का रिकॉर्ड बनाया.

क्यों आई सोने-चांदी में तेजी?

विश्लेषकों के मुताबिक, सोने और चांदी की इस उछाल के पीछे कई प्रमुख कारण हैं. सबसे बड़ा कारण है जियोपॉलिटिकल अस्थिरता, जिसमें ईरान में विरोध-प्रदर्शन और रूस-यूक्रेन संघर्ष शामिल हैं. इसके अलावा, अमेरिकी मौद्रिक नीति में संभावित बदलाव, विशेषकर Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर खींच रही है. अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के चेयर जेरोम पॉवेल के बीच बढ़ते मतभेद ने भी निवेशकों में अनिश्चितता पैदा की, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग बढ़ गई.

जारी रख सकता है उछाल

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि चांदी की तेजी सोने की तुलना में अधिक रही. Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, चांदी का यह तेजी का प्रदर्शन उसके उच्च संवेदनशीलता वाले निवेश होने का संकेत देता है. इसके विपरीत सोना अपेक्षाकृत स्थिर रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना निवेशकों के लिए उत्साहजनक संकेत है. Augmont के रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने कहा कि यह उछाल आने वाले कुछ हफ्तों तक जारी रह सकता है, खासकर जब अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, जैसे डिसेंबर CPI रिपोर्ट और उपभोक्ता संकेतक, सामने आएंगे.

सेफ हेवन ने बढ़ाया भाव

विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशक फिलहाल जियोपॉलिटिकल घटनाओं, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नजर बनाए रखेंगे. अगर ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता बनी रहती है, तो सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में और तेजी दिखा सकते हैं. इसके अलावा, चांदी की मांग अधिक रिस्क वाले माहौल में तेजी से बढ़ती है, जबकि सोना लंबी अवधि में निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प बना रहता है. इस बीच, भारत में सराफा बाजार में भी निवेशक तेजी की राह देख रहे हैं और संभावना है कि कीमतों में आने वाले दिनों में हल्की उतार-चढ़ाव के बीच उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना है.

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