सोना $5,000 पार, ट्रंप फैक्टर और डॉलर की कमजोरी से आया भारी उछाल; चांदी भी चमकी

वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर बढ़े तनाव के बीच सोने की कीमत ने नया रिकॉर्ड बना लिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार 5 हजार डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया. कमजोर डॉलर केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद भू राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है.

सोने की कीमत ने नया रिकॉर्ड बना लिया है. Image Credit: freepik

Gold Price Record: सोने की कीमत ने रविवार को एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया और पहली बार $5,000 प्रति औंस का स्तर पार कर लिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत $5,072 तक पहुंची है, जबकि चाँदी भी $100 प्रति औंस से ऊपर ट्रेड कर रही है. यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका और दुनियाभर में बढ़ती नीतिगत अस्थिरता और वैश्विक तनाव के चलते आई है. निवेशक शेयर और बॉन्ड से दूरी बना कर सोने जैसे सुरक्षित निवेश में पैसा लगा रहे हैं. सोने का भाव जनवरी 2024 में लगभग $2,000 था, लेकिन लगातार बढ़ती मांग और तनाव के कारण यह अब रिकॉर्ड स्तर पर है.

ट्रंप की नीतियों का असर

सोने की कीमत बढ़ने का एक बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता है. ट्रंप ने कई व्यापारिक और विदेश नीति कदम उठाए हैं जिनसे बाजार में भू राजनैतिक तनाव बढ़ा है. उदाहरण के तौर पर ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर टिप्पणियों और यूरोपीय देशों के साथ तनाव ने निवेशकों को अस्थिरता का संकेत दिया है. इन नीतिगत कदमों से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की मांग बढ़ी है.

डॉलर और बांड में कमजोरी

डॉलर की कमजोरी और बॉन्ड में निवेशकों का विश्वास कम होना भी सोने की तेजी का कारण है. कमजोर डॉलर से सोना सस्ता हो जाता है और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बनता है. इसी वजह से कई निवेशक डॉलर्स और बॉन्ड से पैसा निकाल कर सोने में लगा रहे हैं.

युद्ध और भू राजनैतिक तनाव

यूक्रेन और गाजा में चल रहे युद्ध, तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय तनावों ने भी निवेशकों को सुरक्षित साधनों की ओर बढ़ाया है. युद्ध और संघर्ष की स्थिति में निवेशक अक्सर सोने जैसे संपत्ति में निवेश करते हैं, जिससे उसकी कीमत और ऊपर जाती है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार सोने की वैश्विक मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है. पिछले साल तीसरी तिमाही में सोने की मांग 44 फीसदी बढ़ी और 146 अरब डॉलर तक पहुंच गई. इस तरह की मांग सोने की कीमतों को मजबूत करती है और रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में मदद करती है.

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चांदी की बढ़त

सोने के साथ चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है. चांदी ने $100 प्रति औंस का स्तर पार किया है, जो निवेशकों और बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि मेंटल्स में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ रही है.