सोने पर अब तक का सबसे बड़ा टारगेट! रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा ₹8.68 लाख प्रति 10 ग्राम तक जाएगा भाव
सोमवार को सोने की कीमतों ने नया इतिहास रचते हुए 5,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर लिया. इस बड़ी तेजी के बाद Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने पर जोरदार बुलिश रुख अपनाते हुए इसके 27,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई है.
Gold Price and Robert Kiyosaki Target: सोमवार, 26 जनवरी को सोने की कीमतों ने इतिहास रच दिया, जब पहली बार स्पॉट गोल्ड का भाव 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया. मालूम हो कि एक औंस में 28 ग्राम होता है. ऐसे में, 5000 डॉलर प्रति औंस के हिसाब से 10 ग्राम सोने की कीमत 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक होती है. इस बड़ी तेजी के बाद मशहूर किताब Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर सोने को लेकर अपनी बेहद सकारात्मक राय दोहराई है. कियोसाकी का मानना है कि सोने की यह रैली अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले सालों में इसके दाम 27,000 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकते हैं. यानी, भारतीय रुपये में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 8.68 लाख रुपये तक जा सकती है.
कियोसाकी ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में कियोसाकी ने सोने की कीमतों में आई इस उछाल का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह तेजी उनके उस पुराने नजरिए को सही साबित करती है, जिसमें वे लगातार कहते रहे हैं कि फिएट करेंसी, खासतौर पर अमेरिकी डॉलर, अपनी खरीदने की ताकत खो रही है. उनके अनुसार, मौजूदा दौर में सोना, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी जैसे हार्ड एसेट्स में निवेश ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद साबित हो सकता है.
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सोना 5,000 डॉलर के पार पहुंच गया है और भविष्य में इसका स्तर 27,000 डॉलर हो सकता है, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई.
5X हो जाएगी सोने की कीमत
अगर सोने की कीमतें 5,000 डॉलर से बढ़कर 27,000 डॉलर तक पहुंचती हैं, तो यह मौजूदा स्तर से पांच गुना से ज्यादा की बढ़त होगी. यह हाल के वर्षों में सोने को लेकर किए गए सबसे आक्रामक बुलिश अनुमानों में से एक है. कुछ निवेशकों को मौजूदा ऊंचे दामों पर सोना महंगा लग सकता है, लेकिन कियोसाकी इस बात से बिल्कुल परेशान नहीं दिखते.
खरीदारी जारी रहेगी!
कियोसाकी ने हाल ही में एक और पोस्ट में साफ किया कि वह मौजूदा कीमतों पर भी सोना, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी खरीदते रहेंगे. उनका कहना है कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि इन एसेट्स के दाम ऊपर जा रहे हैं या नीचे, क्योंकि असली समस्या अमेरिका पर बढ़ता कर्ज है, जो डॉलर की वैल्यू को लगातार कमजोर कर रहा है. उनके मुताबिक, जैसे-जैसे अमेरिकी कर्ज बढ़ता जाएगा, वैसे-वैसे डॉलर की क्रय शक्ति घटती जाएगी और सोना, बिटकॉइन जैसे एसेट्स ज्यादा मजबूत साबित होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वह लगातार गोल्ड, सिल्वर, बिटकॉइन और एथेरियम खरीद रहे हैं और इसी वजह से उनकी संपत्ति बढ़ रही है.
क्यों बढ़ रहा सोना?
सोने की कीमतों में आई इस ताजा तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण माने जा रहे हैं. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसमें सोना सबसे ऊपर है. इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से भी सोना दूसरे देशों के निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो गया है. अमेरिकी बाजारों को लेकर निवेशकों की धारणा भी हाल के दिनों में कमजोर हुई है. इसकी एक वजह अमेरिका में नीतिगत फैसलों को लेकर अनिश्चितता बताई जा रही है. हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटने का फैसला किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने कनाडा और फ्रांस के खिलाफ भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी. इन बयानों से वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका फायदा सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों को मिला है.
सोने की तेजी
सोने की मौजूदा तेजी पिछले साल शुरू हुई मजबूत रैली का ही विस्तार मानी जा रही है. 2025 में सोने की कीमतों में करीब 70 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी, जो 1979 के बाद इसका सबसे बेहतरीन सालाना प्रदर्शन रहा. वहीं, मौजूदा महीने में ही सोना करीब 17 फीसदी चढ़ चुका है. इस तेजी के पीछे केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, वैश्विक आर्थिक और व्यापारिक अनिश्चितता और गोल्ड ETF में बढ़ता निवेश अहम वजहें मानी जा रही हैं.
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