घरेलू बाजार में सोने-चांदी की मजबूत बढ़त, जानें अपने शहर का ताजा भाव

फेड रेट कट की उम्मीदों के बीच शुक्रवार को घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी रही. शुक्रवार को MCX पर गोल्ड और सिल्वर दोनों ऊंचे स्तर पर बंद हुए, जबकि 29 नवंबर को 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के खुदरा भाव कई शहरों में बढ़े हुए स्तर पर रहे.

सोने-चांदी का भाव Image Credit: Money9 Live

Gold Price Today: घरेलू फ्यूचर्स मार्केट में शनिवार, 29 नवंबर को सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त देखी गई. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अगले महीने ब्याज दर में कटौती की संभावनाओं ने कीमती धातुओं में नई तेजी ला दी है. निवेशकों की मजबूत खरीद और वैश्विक सकारात्मक संकेतों ने भी बाजार को समर्थन दिया. इसी वजह से शुक्रवार को एमसीएक्स पर गोल्ड और सिल्वर दोनों ऊंचे स्तर पर बंद हुए. शनिवार-रविवार को बाजार बंद रहता है इसलिए एमसीएक्स पर गोल्ड उसी भाव पर बना रहेगा. हालांकि, बुलियन बाजार में सोने के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

MCX पर सोने-चांदी का हाल

शुक्रवार को MCX Gold दिसंबर वायदा 1.13% की बढ़त के साथ ₹1,26,920 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं MCX Silver मार्च वायदा 0.21% चढ़कर ₹1,75,340 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. हालांकि, भारत बुलियन के अनुसार 29 नवंबर की सुबह 24 कैरेट सोना ₹1,27,580 प्रति 10 ग्राम (बिना टैक्स) और 22 कैरेट सोना ₹1,16,948 प्रति 10 ग्राम रहा. चांदी 999 फाइन के लिए कीमत ₹1,72,740 प्रति किलो दर्ज की गई. यह कीमत बीते दिन के मुकाबले स्थिर है.

लॉन्ग टर्म में दमदार रिटर्न

बीते 20 साल में सोने ने 1,500% से ज्यादा रिटर्न दिया है. 2005 में जहां सोना ₹7,638 प्रति 10 ग्राम था, वहीं 2025 में यह ₹1,25,000 के पार पहुंच चुका है. इस दौरान 16 वर्षों में सोने ने सकारात्मक रिटर्न दिया है. साल 2025 में अब तक सोना 56% तक चढ़ चुका है, जिससे यह सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में और भी मजबूत हुआ है.

यह भी पढ़ें: मनमोहन के बाद अब मोदी का न्यूक्लियर दांव, प्राइवेट प्लेयर के भरोसे ऊर्जा क्रांति का सपना, जानें क्यों बदला रुख

आज के शहरवार गोल्ड रेट (29 नवंबर)

शहर24 कैरेट (रुपये)22 कैरेट (रुपये)
मुंबई1,27,3501,16,738
दिल्ली1,27,1301,16,536
कोलकाता1,27,1801,16,582
अहमदाबाद1,27,5201,16,893
बेंगलुरु1,27,4501,16,921
हैदराबाद1,27,5501,15,143
चेन्नई1,27,7201,17,077

ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि खुदरा कीमतों में मेकिंग चार्ज, टैक्स और जीएसटी जुड़ने से अंतिम दरें अधिक हो सकती हैं.