सोना-चांदी क्रैश, दो दिन में ₹451 लाख करोड़ स्वाहा, जानिए बुलियन बाजार के ढहने का कारण और आगे का रुख

दो दिन में सोना-चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक गिरावट से बुलियन बाजार हिल गया और ग्लोबली करीब ₹451 लाख करोड़ की वैल्यू साफ हो गई. तेज मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड्स में उछाल और फेड चेयर को लेकर बदली उम्मीदों ने कीमती धातुओं पर भारी दबाव बनाया. आगे निवेशकों की नजर अमेरिकी मैक्रो डेटा और फेड के रुख पर रहेगी, जो सोना-चांदी की दिशा तय करेगा.

सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. Image Credit: money9 live AI image

Gold-Silver Crash Reason: कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को ऐसा तूफान आया कि निवेशक हैरान रह गए. बीते कई महीनों से रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे सोना और चांदी एक झटके में धड़ाम हो गए. जिससे बुलियन बाजार ढह गया और करोड़ों का नुकसान हुआ. दिल्ली में सोना 10 ग्राम पर करीब ₹14,000 टूट गया, जबकि चांदी ₹20,000 प्रति किलो सस्ती हो गई. गुरुवार को जहां सोना ₹1,83,000 और चांदी ₹4,04,500 के ऑल-टाइम हाई पर थीं, वहीं सिर्फ एक दिन में दोनों कीमती धातुओं में भारी गिरावट आ गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड की कीमत 11% से ज्यादा टूट गया तो वहीं COMEX सिल्वर भी 31% से ज्यादा फिसल गई. MCX पर अप्रैल फ्यूचर्स का गोल्ड अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 16.5% नीचे आ गया है. वहीं मार्च फ्यूचर्स की चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 30.5% लुढ़क गई है.

कितना हुआ नुकसान?

एमसीएक्स पर लेट ट्रेड में फरवरी डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया, जबकि इसका रिकॉड हाई 168000 रुपये प्रति 10 ग्राम था. वहीं मार्च डिलीवरी की सिल्वर ₹3 लाख प्रति किलो के आसपास लुढ़क गई है, जिसका हाई करीब 4 लाख रुपये था. आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो दिनों में गोल्ड का ग्लोबल मार्केट कैप करीब 3.5 ट्रिलियन डॉलर और सिल्वर का करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर घट गया. कुल मिलाकर करीब 5 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू साफ हो गई. अगर भारतीय रुपये में देखें तो ₹451 लाख करोड़ स्वाहा हो गए. हालांकि इसके बावजूद साल की शुरुआत से अब तक सोने का मार्केट कैप करीब 3 ट्रिलियन डॉलर और चांदी का करीब 2 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा हुआ है. पिछले दो साल में इंटरनेशनल मार्केट में सोना करीब 150% और चांदी 326% तक चढ़ चुकी है.

अचानक क्यों टूटा सोना-चांदी?

इन फैक्‍टर्स पर नजर

निवेशक अब अमेरिका के अहम मैक्रो डेटा जैसे ISM मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और नॉन-फार्म पेरोल्स का इंतजार कर रहे हैं. फेड की ओर से रेट कट पर लंबा ब्रेक लेने के संकेतों के बीच मजबूत डेटा आया तो सोना-चांदी पर दबाव और बढ़ सकता है.