Gold-Silver Outlook: क्या जारी रहेगी तेजी या आएगा करेक्शन? इस हफ्ते तय होगी दिशा; ये फैक्टर करेंगे तय

पश्चिम एशिया में तनाव, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेड की नीति संकेत, इन सभी के बीच सोना-चांदी के लिए यह हफ्ता निर्णायक हो सकता है. हालिया तेजी के बाद बाजार अब अगले बड़े मूव का इंतजार कर रहा है. जानें क्या है एक्सपर्ट्स की राय.

गोल्ड-सिल्वर आउटलुक Image Credit: @Money9live

Gold-Silver Outlook 20 April: सोना और चांदी के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है. बाजार के जानकारों का मानना है कि इस हफ्ते यह तय होगा कि इन कीमती धातुओं में जारी तेजी आगे बढ़ेगी या फिर इसमें कुछ गिरावट यानी करेक्शन देखने को मिल सकती है. वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े इस दिशा को तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

पश्चिम एशिया तनाव बड़ा फैक्टर

सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बाजार को प्रभावित कर रहा है. हाल ही में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की घोषणा की, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली और जहाजों की आवाजाही शुरू हुई. लेकिन बाद में हालात फिर बदल गए और इस रास्ते पर दोबारा पाबंदियां लगा दी गई. इस तरह के उतार-चढ़ाव से निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर सोना-चांदी जैसी सुरक्षित निवेश विकल्पों पर पड़ता है.

भारत के नजरिए से भी यह मामला अहम है. विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया, क्योंकि भारतीय झंडे वाले जहाजों को होर्मुज क्षेत्र में सैन्य दबाव का सामना करना पड़ा. इससे यह साफ है कि यह सिर्फ वैश्विक ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी संवेदनशील मुद्दा बन चुका है.

ये आंकड़े भी होंगे अहम

आर्थिक मोर्चे पर भी कई अहम आंकड़े सामने आने वाले हैं. अमेरिका के रिटेल सेल्स, हाउसिंग डेटा और कंज्यूमर सेंटिमेंट जैसे आंकड़े निवेशकों की नजर में रहेंगे. इसके अलावा अमेरिका और ब्रिटेन के PMI (मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर) के शुरुआती आंकड़े भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. जापान और ब्रिटेन की महंगाई के आंकड़े और चीन की मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले भी सोना-चांदी की चाल पर असर डालेंगे.

MCX पर कैसी थी चाल?

बीते हफ्ते की बात करें तो घरेलू बाजार में दोनों धातुओं में अच्छी तेजी देखने को मिली. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी करीब 5.7 फीसदी उछलकर 2.57 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जबकि सोना भी 1.3 फीसदी बढ़कर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख रहा, जहां सोना और चांदी दोनों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई.

क्या है एक्सपर्ट का कहना?

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना-चांदी में लगातार चौथे हफ्ते तेजी देखने को मिली है. इसके पीछे डॉलर की कमजोरी और अनिश्चित माहौल में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ना प्रमुख कारण हैं. साथ ही, अमेरिका की नीतियों में बार-बार बदलाव और ईरान को लेकर उठापटक ने बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ाया है. एक और अहम संकेत यह है कि ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) के निवेशक फिर से सोना-चांदी की ओर लौट रहे हैं, जबकि मार्च में उन्होंने बड़ी बिकवाली की थी. खासतौर पर चांदी को इंडस्ट्रियल डिमांड का भी सपोर्ट मिल रहा है, क्योंकि कॉपर जैसे धातुओं में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और सप्लाई की कमी की आशंका बनी हुई है.

कुछ राहत वाली खबर भी!

हालांकि कुछ राहत की खबर भी आई है. इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू है, जिससे होर्मुज मार्ग कुछ समय के लिए खुला रहने की पुष्टि हुई है. लेकिन जब तक अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक अनिश्चितता बनी रह सकती है. इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन के तौर पर केविन वार्श की नियुक्ति पर होने वाली सुनवाई भी बाजार के लिए अहम रहेगी. अगर उनकी नीति नरम (dovish) रहती है, तो इससे सोना-चांदी को और सपोर्ट मिल सकता है.

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