Akshaya Tritiya से पहले सोना या चांदी, किसने किया निवेशकों को मालामाल, जानें पिछले साल से कितनी बढ़ीं कीमतें
Akshaya Tritiya से पहले सोना और चांदी दोनों ने शानदार रिटर्न दिया, लेकिन चांदी ने बढ़त बना ली. सोना 97910 रुपये से बढ़कर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा, जिससे करीब 58 फीसदी रिटर्न मिला. वहीं चांदी 1 लाख से बढ़कर 2.70 लाख रुपये प्रति किलो हो गई और करीब 160 फीसदी रिटर्न दिया.
Akshaya Tritiya से पहले इस बार सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. लेकिन दोनों के बीच रिटर्न का अंतर काफी बड़ा रहा है. जहां सोना सुरक्षित निवेश बना रहा, वहीं चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाकर सबको चौंका दिया. वैश्विक तनाव, ब्याज दरों में बदलाव और डिमांड के असर से कीमतों में उछाल आया है. ऐसे में निवेशकों के सामने सवाल है कि इस बार किसमें पैसा लगाना सही रहेगा. आइए सभी आंकड़ों के साथ समझते हैं.
सोने ने दिया 58 फीसदी रिटर्न
पिछले Akshaya Tritiya यानी 30 अप्रैल 2025 को सोने की कीमत करीब 97910 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. अप्रैल 2026 की शुरुआत में यह बढ़कर करीब 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई. यानी एक साल में करीब 58.7 फीसदी का रिटर्न मिला. पिछले पांच साल में भी सोने ने हर साल सकारात्मक रिटर्न दिया है. पिछले दो साल में डॉलर के हिसाब से 40 और 47 फीसदी तक की तेजी देखी गई. 2026 में उतार चढ़ाव भी रहा, जहां Comex गोल्ड जनवरी में 5598 डॉलर तक गया और मार्च में 4098 डॉलर तक गिरा.
चांदी बनी सबसे बड़ी स्टार
चांदी ने इस बार सबसे ज्यादा रिटर्न देकर निवेशकों को आकर्षित किया है. पिछले Akshaya Tritiya पर इसकी कीमत करीब 1 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर करीब 2.70 लाख रुपये प्रति किलो हो गई है. यानी करीब 160 फीसदी का रिटर्न मिला, जो सोने से लगभग तीन गुना है. चांदी की मांग सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मजबूत बनी हुई है. हालांकि इसमें उतार चढ़ाव ज्यादा रहता है, इसलिए इसमें निवेश सोच समझकर करना जरूरी है.
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ज्वेलरी स्टॉक्स और बिक्री में जबरदस्त तेजी
इस तेजी का असर ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भी दिखा है. Titan Company और Goldiam International जैसे शेयरों ने 30 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, जबकि कुछ कंपनियों में 100 फीसदी तक की तेजी आई है. मार्च तिमाही में ज्वेलरी सेक्टर की बिक्री 32 से 124 फीसदी तक बढ़ी है. शादी के सीजन और Akshaya Tritiya के चलते आगे भी मांग मजबूत रहने की उम्मीद है. पुराने सोने के एक्सचेंज का हिस्सा भी 50 फीसदी से ज्यादा हो गया है.
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति
जानकारों का मानना है कि चांदी में ज्यादा रिटर्न की संभावना है लेकिन इसमें जोखिम भी ज्यादा है. इसलिए इसमें धीरे- धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा. वहीं सोना लंबे समय के लिए स्थिर और सुरक्षित विकल्प बना हुआ है. गिरावट आने पर खरीदारी करना सही रणनीति मानी जा रही है.
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