Gold-Silver Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल? ये फैक्टर करेंगे तय, जानें एक्सपर्ट की राय

अमेरिका से आने वाले महंगाई, जीडीपी और रोजगार से जुड़े आंकड़ों के बीच सोना और चांदी की कीमतों में अगले सप्ताह भी अस्थिरता बनी रह सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल बुलियन बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है, जबकि फेड के रुख को लेकर अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है.

गोल्ड-सिल्वर Image Credit: money9 live

Gold-Silver Weekly Price Outlook: अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के संकेतों के बीच अगले सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रेंड की बजाय “कंसोलिडेशन” यानी सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है, लेकिन अस्थिरता ज्यादा रहने की संभावना है. निवेशकों की नजर खास तौर पर अमेरिकी महंगाई, जीडीपी डेटा, श्रम बाजार के आंकड़े और फेड अधिकारियों के बयानों पर रहेगी, क्योंकि इन्हीं संकेतों से ब्याज दरों में कटौती के समय और गति का अंदाजा लगेगा.

कहां टिकी है नजर?

JM Financial Services के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख प्रणव मेर के अनुसार, सोना-चांदी फिलहाल निर्णायक दिशा के बिना आगे बढ़ रहे हैं. बाजार पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई आंकड़े, जीडीपी डेटा और फेड की टिप्पणियों का इंतजार कर रहा है. जब तक इन मोर्चों से स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

कहां पहुंचा सोना का भाव?

घरेलू बाजार में पिछले सप्ताह MCX पर चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि सोना मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ. फरवरी 2026 में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुकी हैं. एंजेल वन के रिसर्च प्रमुख प्रथमेश माल्या के मुताबिक, सोना लगभग 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर से गिरकर करीब 1.53 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया है. मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि फेड जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा, जिससे सोने पर दबाव बना.

सेफ हेवन के तौर पर सोना बरकरार

हालांकि, सोने की सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) वाली भूमिका अभी भी बनी हुई है. वैश्विक जियो पॉलिटिकल टेंशन और एशियाई बाजारों में त्योहारी मांग ने कीमतों को पूरी तरह गिरने से बचाए रखा. विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी और गिरावट की ताकतों के बीच खींचतान चल रही है, जिसके कारण कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

चांदी को लेकर क्या रुख?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर सोना सप्ताह के दौरान उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती के साथ बंद हुआ और 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना रहा. चांदी की कीमतों में भी सीमित बढ़त दर्ज की गई, लेकिन पूरे सप्ताह इसमें तेज दोतरफा मूवमेंट देखने को मिला. विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक अभी स्पष्ट दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं और नए आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं.

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क्यों गिरे भाव?

बुलियन को कुछ समर्थन केंद्रीय बैंकों की खरीद, टेक और एआई शेयरों में गिरावट के कारण सुरक्षित निवेश की मांग और कमजोर डॉलर से मिला. दूसरी ओर, भारत और चीन में भौतिक मांग का मिश्रित रुख, ETF निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने तेजी को सीमित रखा. चांदी पर अतिरिक्त दबाव औद्योगिक धातुओं में कमजोरी और वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट से भी आया, क्योंकि इससे रिस्क लेने की क्षमता कम हुई. तकनीकी स्तरों पर एक समय के बाद निवेशकों ने ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली भी की.

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