e-Rupee से मिलेगा राशन, गुजरात बना डिजिटल PDS लागू करने वाला पहला राज्य; अमित शाह ने किया लॉन्च
गुजरात में देश की पहली CBDC आधारित PDS व्यवस्था की शुरुआत हो गई है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में इस नई प्रणाली का शुभारंभ किया, जिसमें e-Rupee के जरिए राशन वितरण किया जाएगा. इस डिजिटल मॉडल के तहत पात्र लाभार्थियों को तय मात्रा और सब्सिडी दर के साथ डिजिटल टोकन मिलेंगे.
CBDC based PDS: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के गांधीनगर में देश की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का शुभारंभ किया. इस नई व्यवस्था में CBDC आधारित e-Rupee का उपयोग कर राशन वितरण किया जाएगा. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने इसे “लीक-प्रूफ” सुधार बताया और कहा कि इससे देश की सबसे बड़ी खाद्य सब्सिडी योजना को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाया जा सकेगा. अमित शाह ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS में भ्रष्टाचार की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी.
गुजरात के जिलों में पायलट परियोजना
यह पायलट परियोजना गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, आनंद और वलसाड जिलों में शुरू की गई है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े डिजिटल वॉलेट में e-Rupee के रूप में डिजिटल टोकन मिलते हैं. इन टोकनों में राशन सामग्री का नाम, मात्रा और सब्सिडी दर पहले से तय रहती है. स्मार्टफोन उपयोग करने वाले लाभार्थी उचित मूल्य वाली दुकान पर QR Code स्कैन कर राशन प्राप्त कर सकते हैं, जबकि फीचर फोन धारक आधार आधारित OTP के जरिए सत्यापन कर सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि ये डिजिटल टोकन केवल अधिकृत राशन दुकानों पर ही उपयोग किए जा सकते हैं और इन्हें किसी अन्य वस्तु पर खर्च नहीं किया जा सकता. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र परिवारों तक ही पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो.
‘अन्नापूर्ति’ ग्रेन ATM की शुरुआत
इस अवसर पर गुजरात में चौबीसों घंटे संचालित होने वाले ‘अन्नापूर्ति’ ग्रेन ATM का भी उद्घाटन किया गया. मार्च 2026 से लाभार्थी इस मशीन से गेहूं और चावल के साथ-साथ अरहर दाल, चना, चीनी और नमक जैसी सामग्री प्राप्त कर सकेंगे. यह मशीन करीब 35 सेकंड में 25 किलोग्राम तक अनाज देने में सक्षम है. अमित शाह ने बताया कि यह ATM गुजरात में ही निर्मित है. इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दालों को 1 किलोग्राम के सीलबंद पैकेट में उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और स्वच्छता में सुधार होगा.
राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की तैयारी
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस पायलट परियोजना के सफल रहने पर इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा पुडुचेरी में लागू किया जाएगा. भविष्य में DBT की जगह CBDC आधारित वॉलेट मॉडल अपनाया जाएगा. अमित शाह ने विश्वास जताया कि अगले 3 से 4 वर्षों में यह व्यवस्था पूरे देश में लागू हो सकती है.
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