Gold-Silver Rate Today 27-01-2026: ₹4 लाख की ओर चांदी, ₹40500 की आई तेजी; सोना भी रिकॉर्ड हाई पर

Gold and Silver Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी ने नया इतिहास रच दिया है. मजबूत निवेश मांग, वैश्विक बाजारों में तेजी और बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच चांदी अपने लाइफटाइम हाई पर पहुंच गई है, जबकि सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा है.

गोल्ड-सिल्वर का ताजा भाव Image Credit: @Money9live

Gold-Silver Rate Today 27-01-2026 Latest News Update: राजधानी दिल्ली में मंगलवार, 27 जनवरी को सोना और चांदी दोनों ने नया इतिहास रच दिया. मजबूत निवेश मांग और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच दोनों कीमती धातुएं अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं. बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन, ट्रेड वॉर की आशंकाओं और कमजोर डॉलर ने सेफ-हेवन एसेट्स के तौर पर सोना-चांदी की मांग को और मजबूत किया है.

कहां पहुंचा सोना?

99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 7,300 रुपये या करीब 4.6 फीसदी की छलांग लगाकर 1,66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले शुक्रवार को सोना 1,58,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के चलते बुलियन बाजार बंद रहे थे, जिसके बाद मंगलवार को एक साथ तेज उछाल देखने को मिला.

40500 रुपये की तेजी के बाद चांदी कहां?

चांदी ने सोने से भी ज्यादा दमदार प्रदर्शन किया. चांदी की कीमत 40,500 रुपये या 12.3 फीसदी उछलकर 3,70,000 रुपये प्रति किलो के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गई. पिछली कारोबारी सत्र में चांदी 3,29,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी.

चांदी की तेजी ने सबको चौंकाया

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी का नया रिकॉर्ड मजबूत सेफ-हेवन डिमांड का नतीजा है, जो बढ़ते ट्रेड और जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते देखने को मिल रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की चमक बरकरार है. FOREX की वेबसाइट के अनुसार, स्पॉट सिल्वर की कीमत 8.24 फीसदी की तेजी के साथ 112.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. इससे एक सत्र पहले ही चांदी 14 फीसदी उछलकर 117.73 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को छू चुकी थी. खास बात यह है कि विदेशी बाजार में चांदी ने हाल ही में 100 डॉलर प्रति औंस का अहम स्तर भी पहली बार पार किया है.

चांदी में कब दिख सकती है कंसोलिडेशन?

Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग का कहना है कि चांदी को सेफ-हेवन डिमांड के साथ-साथ मजबूत औद्योगिक मांग का भी सपोर्ट मिल रहा है. हालांकि, शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, लेकिन जब तक वैश्विक जोखिम बना रहेगा और डॉलर कमजोर रहेगा, तब तक इसका आउटलुक पॉजिटिव बना रहेगा.

गोल्ड भी ग्लोबल मार्केट में दमदार

सोने ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार सातवें दिन तेजी दर्ज की. स्पॉट गोल्ड 1.58 फीसदी बढ़कर 5,087.48 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इससे पहले सोना पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस का मनोवैज्ञानिक स्तर पार करते हुए 5,110.24 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई तक गया था. Mirae Asset Sharekhan के रिसर्च एनालिस्ट प्रवीण सिंह के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में सोना करीब 5,080 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है.

कमजोर डॉलर और नए जियो पॉलिटिकल टेंशन ने सोने की मांग को मजबूती दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा पर 100 फीसदी टैरिफ की धमकी और चीन से जुड़े ट्रेड तनाव ने बाजारों को असहज किया है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं.

क्यों बढ़ रही है इतनी तेज चमक?

Augmont की रिसर्च हेड रेनिशा चेनानी के मुताबिक, इस साल कीमती धातुओं में तेजी का सबसे बड़ा कारण पॉलिसी अनिश्चितता है. अमेरिका द्वारा दक्षिण कोरिया के ऑटोमोबाइल, फार्मा और लकड़ी पर टैरिफ बढ़ाने जैसे कदमों ने वैश्विक जोखिम को और बढ़ाया है. इसके चलते एशिया और यूरोप में बड़ी संख्या में नए निवेशक पहली बार सोने और चांदी में निवेश कर रहे हैं, जिससे कीमतों को स्ट्रक्चरल सपोर्ट मिल रहा है.

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