ईरान-US तनाव थमा तो दौड़ा गोल्ड! सोना 2.4% चढ़ा, चांदी भी 11 हजार रुपये से ज्‍यादा उछली

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर ने बाजार को राहत दी है. इसी के चलते सोने की कीमतों में तेज उछाल आया है. निवेशक फिर से सुरक्षित विकल्प की ओर लौट रहे हैं. ईरान की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है.

गोल्ड-सिल्वर का नया भाव Image Credit: @Money9live

Gold price surge: ईरान-अमेरिका युद्धविराम ने सोने के बाजार में नई जान डाल दी है. दोनों देशों द्वारा सशर्त 14 दिन तक हमले रोकने के फैसले के बाद निवेशकों ने राहत की सांस ली है, यही वजह है कि बुधवार को सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. हालांकि, यह राहत कितनी टिकाऊ होगी, इस पर अभी भी सवाल बने हुए हैं.

सोने की कीमतों में जोरदार उछाल

स्पॉट गोल्ड की कीमत 2.3% बढ़कर 4,811.66 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 3.3% चढ़कर 4,840.20 डॉलर पर पहुंच गए. इससे पहले मंगलवार को भी सोने में करीब 1.2% की बढ़त देखी गई थी. बाजार में यह तेजी अचानक आई खबर के बाद आई, जिसने निवेशकों को राहत का संकेत दिया.

MCX में भी दिखी मजबूती

सीजफायर के ऐलान के बाद न सिर्फ वैश्विक बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. बल्कि ये मजबूती MCX पर भी देखने को मिली. 8 अप्रैल को एमसीएक्‍स पर चांदी 6% से ज्यादा उछलकर ₹2,44,770 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि MCX पर सोना 2.4% बढ़कर ₹1,53,944 प्रति 10 ग्राम हो गया.

ट्रंप के बयान से बदला माहौल

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमले दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमति दी है. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान की ओर से 10-पॉइंट प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है.

ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है. लेकिन अब हालात कुछ नरम होते दिख रहे हैं.

पाकिस्तान की भूमिका और बातचीत की तैयारी

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है. पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ही अमेरिका ने यह दो हफ्तों का समय दिया है, ताकि बातचीत आगे बढ़ सके. Middle East Eye की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि इससे युद्ध खत्म होने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए.

आगे क्या रहेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी फिलहाल “राहत की प्रतिक्रिया” है. अगर ईरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता, तो बाजार में फिर से अनिश्चितता लौट सकती है. ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है. Barron’s की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर तेल सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित होती है, तो अमेरिका में महंगाई 4% से ऊपर जा सकती है.

यह भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका युद्ध पर 14 दिन का ब्रेक! दोनों देशों ने लगाई मुहर, ट्रंप ने पाकिस्तान को बोला ‘थैंक्यू’

साल की शुरुआत में मजबूत रहने वाला सोना, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद 8% से ज्यादा गिर चुका था. अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह तेजी टिकेगी या सिर्फ कुछ समय की राहत साबित होगी.

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