2 हफ्तों के लिए खुलेगा होर्मुज, सीजफायर का ऐलान, जानें ईरान की किन 10 शर्तों पर माना अमेरिका
Iran और USA के बीच 2 हफ्तों के सीजफायर पर सहमति बनी, जिसके तहत Strait of Hormuz को अस्थायी रूप से खोलने का फैसला हुआ. ईरान ने 10 शर्तें रखीं, जिनमें युद्ध खत्म करने से लेकर प्रतिबंध हटाने समेत कई अहम शर्तें शामिल हैं. सीजफायर के दौरान इस्लामाबाद में बातचीत होने की उम्मीद है. होर्मुज के दोबारा खुलने से वैश्विक तेल सप्लाई और बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है.
Iran 10 Proposal for Ceasefire and Hormuz: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है. ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति बनी है. इसमें सबसे बड़ा ऐलान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर हुआ है. ईरान ने कहा है कि अगर उस पर हमले रोके जाते हैं, तो वह दो हफ्तों के लिए Strait of Hormuz से जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति देगा. इसके लिए ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी 10 शर्तें रखी थीं. जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मान गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इसे शर्तों के साथ तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देगी. साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि होर्मुज मिड वॉटर को सीमित अवधि के लिए खोल देगी, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई को राहत मिल सकती है.
क्या हैं ईरान की 10 शर्तें?
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 10 प्वाइंट्स का प्रस्ताव रखा है, जो इस प्रकार है.
- ईराक, लेबनान और यमन में जारी युद्ध का पूर्ण समापन.
- ईरान के खिलाफ युद्ध का बिना समय सीमा के पूर्ण और स्थायी अंत.
- पूरे क्षेत्र में सभी संघर्षों को पूरी तरह खत्म करना.
- Strait of Hormuz को दोबारा खोलना.
- होर्मुज में सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही के लिए नियम और प्रोटोकॉल बनाना.
- ईरान के रीकंस्ट्रक्शन खर्च के लिए पूरी क्षतिपूर्ति देना.
- ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाना.
- अमेरिका की आर से रोकी गई ईरान की फंड्स और संपत्तियों को वापस करना.
- ईरान का पूरी तरह वादा करना कि वह किसी भी प्रकार के परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा.
- उपरोक्त शर्तें मानते ही सभी मोर्चों पर तुरंत युद्धविराम लागू करना.
क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज मिड वॉटर दुनिया के करीब 20% तेल और LNG सप्लाई का प्रमुख रास्ता है. इसके बंद होने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी. अब इसके खुलने की संभावना से बाजार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इसका असर 8 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के तौर पर भी देखने को मिला.
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इस्लामाबाद में होगी बातचीत
Iran की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि उसने दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमति दी है, जिसके दौरान अमेरिका के साथ बातचीत शुरू होने की उम्मीद है. यह बातचीत इस्लामाबाद में होने की संभावना है. अधिकारियों ने साफ किया है कि यह विराम युद्ध के खत्म होने का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक शर्तों पर आधारित अस्थायी कदम है.
प्रतिबंध पर विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि बातचीत के दौरान होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह उसकी सशस्त्र सेनाओं के समन्वय में और कुछ तकनीकी सीमाओं के तहत होगा. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इस सहमति के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर पूरी तरह से प्रतिबंध हटेंगे या नहीं, क्योंकि संघर्ष बढ़ने के बाद से इस पर ईरान का प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है.
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