IMF में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे KV सुब्रमणियन को सरकार ने अचानक हटाया, क्या है कारण?
केंद्र सरकार ने इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड यानी IMF में भारत के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति वी सुब्रमणियन की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है. उनका कार्यकाल तीन साल के लिए था, जिसमें अभी लगभग छह महीने बाकी थे.
IMF Krishnamurthy V Subramanian: केंद्र सरकार ने कृष्णमूर्ति वी सुब्रमणियन की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के पद से सेवा समाप्त कर दी है. यह फैसला अचानक ही खबरों में आया है और इस फैसले को तुरंत प्रभाव से भी लागू किया गया है. IMF में कृष्णमूर्ति वी सुब्रमणियन का कार्यकाल तीन साल के लिए था जिसमें अभी लगभग छह महीने बाकी थे. लेकिन फिर अचानक सरकार ने ये फैसला लेते हुए कृष्णमूर्ति की सर्विसेस खत्म कर दी हैं. यह जानकारी कुछ दस्तावेजों के आधार पर सामने आई है. मनी9लाइव इसकी पुष्टी नहीं करता है.
अचानक ऐसा क्या हुआ?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कृष्णमूर्ति वी सुब्रमणियन के सेवाएं अचानक ही खत्म कर दी गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमेटी ने इस सेवा समाप्ति को मंजूरी दी है. बता दें कि कृष्णमूर्ति पहले सरकार के वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रह चुके हैं. इन्हें 2022 में IMF में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था.
हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि उनकी नियुक्ति अचानक क्यों खत्म की गई है. वहीं अब तक वित्त मंत्रालय, IMF या खुद कृष्णमूर्ति ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है.
यह भी पढ़ें: ट्रंप की DOGE टीम में ‘सुपरमैन’ बनकर आए थे मस्क, अब 130 दिन में गंवा चुके हैं 113 अरब डॉलर की दौलत
पिछले साल अगस्त में कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने India@100: एनविजनिंग टुमॉरोज इकोनॉमिक पॉवरहाउस नाम की एक किताब भी प्रकाशित की थी.
25 अगस्त 2022 को जारी की गई सरकारी अधिसूचना के अनुसार, कृष्णमूर्ति को 1 नवंबर 2022 से तीन साल की अवधि के लिए नियुक्त किया गया था. वे सुरजीत एस भल्ला की जगह इस पद पर आए थे. वे 2018 से 2020 के बीच भारत के 17वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे, उन्होंने आम लोगों के लिए इकोनॉमिक सर्वे को आसान बनाने की कोशिश की थी. उनके कुछ चर्चित विचार “थालीनॉमिक्स”, “V-शेप रिकवरी”, और “नज थ्योरी” रही है.
Latest Stories
Q3 FY26 में ICICI बैंक का नेट प्रॉफिट 4% से अधिक घटा, नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़ी, एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
IndiGo पर चला DGCA का चाबुक, ठोका ₹22.2 करोड़ का जुर्माना; VP को पद से हटाने के दिए निर्देश
बजट में कहां से आता है पैसा और कहां खर्च करती है सरकार? जानें हर 1 रुपये का पूरा हिसाब-किताब
