ईरान-अमेरिका युद्ध के साये में भी मार्च महीने में बढ़ा GST कलेक्शन, 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ हुआ संग्रह

मार्च 2026 में वैश्विक तनाव, खासकर ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद के बावजूद भारत के GST कलेक्शन में मजबूती देखने को मिली. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने जीएसटी संग्रह 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यह बढ़ोतरी घरेलू खपत और आयात गतिविधियों में सुधार का संकेत देती है, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक खबर है.

जीएसटी कलेक्शन. Image Credit: Getty image

GST Collection In March 2026: पश्चिम एशिया में जारी महासंग्राम के बीच भारत में मार्च 2026 के दौरान जीएसटी (GST) कलेक्शन में अच्छी बढ़त देखने को मिली है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 8.2% अधिक है. यह बढ़ोतरी देश में आर्थिक गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत देती है. एक ओर युद्ध की स्थिति के चलते मंदी की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा आंकड़े बता रहे हैं कि भारत में खपत में बढ़ोतरी जारी है.

कुल GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ के पार

मार्च 2026 में ग्रॉस GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जो पिछले साल के 1.83 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 8.8% अधिक है. वहीं, रिफंड की रकम 0.22 लाख करोड़ रुपये रही, जिसमें 13.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिफंड के बाद नेट GST कलेक्शन 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा.

घरेलू और आयात से राजस्व में बढ़ोतरी

घरेलू लेनदेन से मिलने वाला रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें 5.9% की बढ़त दर्ज हुई. वहीं, आयात से मिलने वाला रेवेन्य 0.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 17.8% की तेज बढ़ोतरी को दिखाता है. इससे साफ है कि मार्च महीने में विदेशी व्यापार और घरेलू खपत दोनों में सुधार हुआ है.

राज्यों के प्रदर्शन में मिला-जुला रुख

राज्यवार GST कलेक्शन में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली. महाराष्ट्र ने सबसे ज्यादा करीब 0.13 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया, इसके बाद कर्नाटक और गुजरात का स्थान रहा. कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में अच्छी वृद्धि देखी गई, जबकि दिल्ली, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों में गिरावट दर्ज की गई.

कुल मिलाकर, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में GST कलेक्शन 22.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जो 8.3% की सालाना बढ़ोतरी को दर्शाता है. यह संकेत है कि देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत दिशा में आगे बढ़ रही है.