भारत-रूस व्यापार संबंध ले रहे हैं लंबी छलांग, व्यापार, निवेश और नए सेक्टरों पर बढ़ रहा फोकस

वैश्विक व्यापार में बदलते समीकरणों के बीच भारत की एक पुरानी रणनीतिक साझेदारी नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती दिख रही है. आंकड़े, नीतिगत संकेत और राजनीतिक संदेश यह इशारा कर रहे हैं कि आने वाले वर्षों में आर्थिक रिश्तों की दिशा और रफ्तार दोनों बदल सकती हैं.

भारत- रूस Image Credit: money9live

भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्ते आने वाले वर्षों में और मजबूत होने वाले हैं. भारत में रूस के राजदूत विनय कुमार ने कहा है कि दोनों देश 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं. 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने साफ संकेत दिए कि व्यापार बढ़ाने के लिए नए सेक्टर और नए रास्तों पर तेजी से काम हो रहा है.

राजदूत विनय कुमार के मुताबिक, बीता साल भारत-रूस संबंधों के लिहाज से काफी सक्रिय रहा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति Vladimir Putin की हालिया भारत यात्रा बेहद सफल रही और इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा मिली. उनका मानना है कि 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है, खासकर तब जब व्यापार के दायरे को लगातार बढ़ाया जा रहा है.

नए सेक्टर, नया ट्रेड बास्केट

राजदूत ने बताया कि दोनों देश मिलकर नए उत्पादों और सेक्टरों की पहचान कर रहे हैं. उर्वरक, कृषि और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सामने आए हैं. इसके अलावा, प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है. इससे व्यापार को आसान बनाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 68.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इसमें रूस से कच्चे तेल का बड़ा आयात एक अहम वजह रहा. यह आंकड़ा दिखाता है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक निर्भरता लगातार बढ़ रही है.

राजदूत कुमार ने यह भी कहा कि अब भारत और रूस के बीच व्यापार का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय मुद्राओं में किया जा रहा है. आने वाले समय में यह रुझान और मजबूत होगा, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.

यह भी पढ़ें: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से पहले उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा- ‘सफल भारत दुनिया को और स्थिर बनाता है’

राजनीतिक स्तर पर भी मजबूत समर्थन

गणतंत्र दिवस पर भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजदूत ने भारत-रूस संबंधों को “सक्रिय और नतीजों वाला” बताया. इससे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi भी भरोसा जता चुके हैं कि 100 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य 2030 से पहले ही हासिल किया जा सकता है. इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में उन्होंने रूसी कंपनियों से ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में निवेश करने और साझेदारी बढ़ाने की अपील की थी.